ये महाकुंभ है... शाही स्नान से पहले उमड़ा आस्था का जनसैलाब, चारों ओर दिखा श्रद्धालुओं का रेला
महाकुंभ नगरी में सूर्यास्त के समय संगम तट पर अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। सूर्य की सुनहरी किरणों से जगमगाता संगम उत्ताल लहरों से निर्मित जलराशि और पुलों की छटा देखते ही बन रही है। लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और मंत्रोच्चारण के साथ हवन किया। हर तरफ भक्तिमय माहौल है। गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई... देव दनुज किन्नर-नर श्रेनी। सादर मज्जहिं सकल त्रिबेनीं...वर्तमान में भी प्रासंगिक नजर आई।
2025: महाकुंभ में इस बार 144 साल बाद बन रहा अनूठा संयोग, मकर संक्राति पर होगा 'अमृत स्नान
'Mahakumbh 2025 इस बार महाकुंभ से देश की एक प्रतिशत जीडीपी के बढ़ने की उम्मीद है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि लगभग चार लाख करोड़ रुपये का कारोबार होगा। महाकुंभ तो हर 12वें साल लगता है लेकिन इस बार 144 वर्ष का संयोग होने से इस बार पूर्व के वर्षों से अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने का अनुमान लगाया गया है।
योगी का बुलडोजर और महाकुंभ की आस्था... 800 KM दूर से खिंचे चले आए श्रद्धालु; मोदी और यूपी CM को लेकर क्या कहा?
महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। संगम तट पर आस्था हिलोरें ले रही हैं। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं में महाकुंभ को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ लोग व्यवस्थाओं की सराहना कर रहे हैं तो कुछ को अभी भी कुछ कमियां नजर आ रही हैं। लेकिन कुल मिलाकर महाकुंभ का अनुभव सभी के लिए अविस्मरणीय है।
MahaKumbh 2025: संगम तट पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, 9.30 बजे तक 60 लाख से ज्यादा लोगों ने किया स्नान; PHOTOS
MahaKumbh 2025 पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर लाखों लोगों ने त्रिवेणी तट पर डुबकी लगाई। हर-हर गंगे के स्वर से संगम का विहंगम तट गुंजायमान हो उठा। इसी के साथ बहुप्रतीक्षित महाकुंभ का शुभारंभ भी हो गया । यूं तो सोमवार भोर 432 से स्नान का शुभ मुहूर्त था मगर देश -देशांतर से आए श्रद्धालु आधी रात से ही स्नान करने लगे थे और यह कम जारी है।
'हम बंटेंगे तो खामियाजा धर्मस्थलों को...,' रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर बोले सीएम योगी
पांच सदी के इंतजार के बाद अयोध्या में बना भव्य राम मंदिर सिर्फ एक मंदिर नहीं बल्कि राष्ट्र की एकता और गौरव का प्रतीक है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि श्रीराम और राष्ट्र एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के साथ अयोध्या को श्रेष्ठतम सांस्कृतिक नगरी बनाने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला।
Pradosh Vrat 2025: महादेव के इस स्तोत्र के पाठ से धन-धान्य से भर जाएगी झोली, प्रसन्न होंगे शिव जी
सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। पौष माह के आखिरी प्रदोष व्रत के दिन शनिवार पड़ रहा है तो ऐसे में इसे शनि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन उपासना करने से रुके हुए काम जल्द पूरे होते हैं और महादेव की कृपा प्राप्त होती है।
पंचांग के अनुसार, पौष माह का आखिरी प्रदोष व्रत 11 जनवरी को किया जाएगा। इस शुभ अवसर पर महादेव के संग मां पार्वती की पूजा-अर्चना की जाएगी। मान्यता है कि प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा करने से सभी संकट दूर होते हैं।
कौन हैं IPS अधिकारी वैभव कृष्ण? जिन्हें सौंपी गई Mahakumbh मेले को संभालने की जिम्मेदारी
यूपी सरकार ने IPS अधिकारियों का तबादला किया है। उनमें से एक आजमगढ़ के डीआईजी वैभव कृष्ण हैं। डीआईजी वैभव कृष्ण का तबादला कर उन्हें महाकुंभ मेला प्रयागराज की अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें महाकुंभ मेले का डीआईजी बनाय गया है। वैभव कृष्ण यूपी के बागपत जिले के रहने वाले हैं। वे 2010 बैच यूपी कैडर के IPS अधिकारी हैं।
महाकुंभ से पहले बड़ी तैयारी में प्रयागराज कमिश्नरेट, बनाए गए 13 नए थाने व 23 पुलिस चौकियां
महाकुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रयागराज कमिश्नरेट में 13 अस्थायी पुलिस थाने और 23 चौकियां स्थापित की गई हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्र को आठ जोन और 18 सेक्टर में बांटकर सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। रेलवे स्टेशन बस अड्डों एयरपोर्ट और अन्य मार्गो से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित ढंग से मेला क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
Shiv Mantra: सोमवार के दिन राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जप, बनेंगे सारे बिगड़े काम
सनातन शास्त्रों में निहित है कि सोमवार का दिन देवों के देव महादेव को बेहद प्रिय है। इस शुभ अवसर पर देवों के देव महादेव संग मां पार्वती की पूजा की जाती है। भगवान शिव की पूजा करने से विवाहित स्त्रियों को अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है। वहीं अविवाहित जातकों की शीघ्र शादी के योग बनते हैं। साधक जलाभिषेक कर भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं।
Gyanvapi Case: मां श्रृंगार गौरी के दर्शन समेत सात मुकदमों की सुनवाई 21 दिसंबर को होगी
ज्ञानवापी विवाद में मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन की मांग समेत सात मुकदमों की सुनवाई शनिवार यानी 7 दिसंबर को हुई। जिला जज ने सभी मामलों में अगली सुनवाई के लिए 21 दिसंबर की तिथि तय की। बता दें कि 2021 में पांच महिलाओं ने ज्ञानवापी मस्जिद के बगल में बने श्रृंगार गौरी मंदिर में रोजाना पूजा-पाठ की मांग की थी।