Skip to main content

अयोध्या में रामलला की परिक्रमा के लिए बनेगा 790 मीटर लंबा कॉरिडोर, 14 फीट तक होगी चौड़ाई

RGA न्यूज़:-अयोध्या में रामलला की परिक्रमा के लिए बनेगा 790 मीटर लंबा कॉरिडोर, 14 फीट तक होगी चौड़ाई

राम  मँदिर अयोध्या में रामलला के भव्य दर्शन के साथ-साथ अब भक्त भगवान की परिक्रमा भी कर सकेंगे। इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के चारों ओर कॉरिडोर बनावाने का निर्णय लिया है। इस कॉरिडोर की लंबाई 70 मीटर जबकि इसकी चौड़ाई 14 फीट तक होग। इसके निर्माण के लिए एलएंडटी संस्था को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हरियाली अमावस्या पर इस विधि से करें पूजा, नोट करें शुभ योग और पूजन सामग्री

RGA न्यूज़:- हरियाली अमावस्या पर इस विधि से करें पूजा, नोट करें शुभ योग और पूजन सामग्री

हरियाली अमावस्या हिंदू धर्म में बहुत खास मानी जाती है। इस दिन लोग भगवान शिव के साथ माता-पार्वती की पूजा करते हैं। इसके साथ ही यह गंगा स्नान दान-पुण्य पितरों का तर्पण के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है। कहा जाता है कि यह दिन स्नान और दान के लिए बहुत अच्छा होता है। यह हर साल सावन के महीने में मनाई जाती है।

 

अमावस्या का अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।

जानिए कब है सावन का तीसरा सोमवार? शुभ मुहूर्त में पूजा करने से सभी दुख होंगे दूर

सावन का महीना देवों को देव महादेव को प्रिय है। इस पूरे महीने भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही सोमवार और मंगलवार का व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से साधक को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं।

सावन में सरल विधि से कर सकते हैं शिवलिंग की पूजा।

 

ऐसा माना जाता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की आराधना करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है। खासकर सावन सोमवार  के दिन व्रत करना अत्यंत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने मात्र से महादेव प्रसन्न होते हैं। ऐसे में आप सावन सोमवार पर इस विधि से पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

सावन शिवरात्रि व्रत का इस समय करें पारण, जानें पूजन समय और ध्यान रखने योग्य बातें

शिवरात्रि हिंदुओं के सबसे शुभ त्योहारों में से एक है। यह व्रत भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन का प्रतीक है। पंचांग के अनुसार साल में कुल 12 शिवरात्रि मनाई जाती हैं जिनमें से एक फाल्गुन माह में आती है जिसे महाशिवरात्रि के रूप में जाना जाता है और बाकी प्रतिमाह में एक बार मनाई जाती है। यह दिन शिव पूजन के लिए बहुत खास होता है

Radha Rani Temple: राधा रानी मंदिर में युवक-युवती ने रचाई शादी, वीडियो वायरल होने पर मचा हंगामा- किसने दी परमिशन?

 

राधा रानी मंदिर में सोमवार को दिल्ली के एक श्रद्धालु ने छप्पन भोग का आयोजन किया था। इसी दौरान मंदिर में एक युवक व युवती के शादी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। ये देख हंगामा शुरू हो गया। मंदिर के रिसीवर ने तत्काल शादी रुकवाई लेकिन सोशल मीडिया पर लोग इसे लेकर प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

राधा रानी मंदिर में युवक-युवती ने रचाई शादी। फोटो- वीडियो ग्रैब

अखिल भारतीय माहौर वैश्य महासभा युवा ने मनाई भामाशाह जयंती

बरेली समाचार

बरेली:- अखिल भारतीय माहौर वैश्य युवा महासभा एवं खेल जगत फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में  दानवीर शिरोमणि भामाशाह जयंती के अवसर पर भामाशाह जी के चित्र पर माल्यार्पण कर  उन्हें नमन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश महासभा के पूर्व कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी एडवोकेट दिनेश दद्दा ने की तथा संचालन समाजसेवी रोहित राकेश जी ने किया l

इस अवसर पर युवा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रतन कुमार गुप्ता ने कहा कि
हम सब जानते हैं दानवीर भामा शाह (1547-1600) में सम्राट महाराणा प्रताप  के एक प्रसिद्ध सेनापति और करीबी सहयोगी थे।

अपने बच्चों को दें आचार्य चाणक्य की ये सीख, कभी नहीं होगी हार

 

आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गई बातें आज भी प्रासंगिक बनी हुई हैं। ऐसे में अगर आप चाणक्य के द्वारा बताई गई इन बातों को अपने जीवन में उतारते हैं तो इससे आपको सफल होने से कोई भी नहीं रोक सकता। ऐसे में आज हम आपको चाणक्य द्वारा दी गई कुछ ऐसी शिक्षाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आप अपने बच्चों को सिखा सकते हैं

भीड़ से हांफ गया पूरा हरिद्वार, हर तरफ जाम ही जाम; ध्वस्त हुई यातायात व्यवस्था

 

गंगा दशहरा पर श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हरिद्वार-दिल्ली हाईवे और शहर छोटा पड़ गया। मंगलौर के नारसन बार्डर से लेकर हरिद्वार तक हाईवे पर भीषण जाम लगा रहा। यातायात व्यवस्था सुचारु करने के लिए रुड़की के नगला इमरती से वाहनों को लक्सर की तरफ डायवर्ट कर हरिद्वार भेजा गया। इसके बावजूद हरिद्वार में भीड़ का दबाव कम नहीं हुआ।

इस मंदिर में स्वयं प्रकट हुए थे भगवान शनि! 16 शृंगार के बाद होती है पूजा

 

जूनी शनि मंदिर रवि पुत्र के प्राचीनतम मंदिरों में से एक है। इस मंदिर को लेकर लोगों की अपनी -अपनी मान्यताएं हैं। भगवान शनि का यह मंदिर इंदौर में स्थित है। ऐसी मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से भक्तों की सभी मुश्किलें दूर हो जाती हैं। साथ ही जीवन में शुभता का आगमन होता है तो चलिए यहां से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को जानते हैं