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किसान सत्याग्रह:50 वा दिन सत्य की ज्योति कभी नहीं बुझती,अहिंसा की ताकत से न्याय अवश्यंभावी 
 

बरेली: किसान सत्याग्रह समिति के संयोजक डॉ हरीश कुमार गंगवार ने बताया कि चौकी चौराहा स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा पार्क पर किसान सत्याग्रह का आज 50 वा दिन है वसुधा के पीड़ित इंसान—धरती पुत्र किसानों ने गांधी जी के सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के पवित्र मार्ग पर अटल रहकर बरेली किसान सत्याग्रह के ऐतिहासिक 50 दिन पूरे कर लिए हैं। यह 50 दिन सिर्फ दिनों की गिनती नहीं—ये हैं उन माँओं के आँसु, उन बेटों की टूटी उम्मीदें , उन बर्बाद फसलों की, और उन लूटी गई मेहनत की कमाई की गवाही, जो आर्य एजी ग्रुप (आर्यधन फाइनेंशियल सॉल्यूशंस और आर्या कोलैटरल वेयरहाउसिंग सहित) द्वारा 4 करोड़ रुपये से अधिक की बीज और अनाज की खुली लूट कर छीन ली गई।

उनहोने कहा कि हम धरती पुत्र हैं—मिट्टी से जन्मे, मिट्टी में पसीना बहाने वाले। हमने सपनों के बीज बोए, लेकिन एक सुनियोजित छलावे ने सब कुछ उजाड़ दिया। बदायूँ के बगरैन गोदाम से ताले तोड़कर, गार्डों को दरकिनार कर, ट्रक भरकर 1031 मीट्रिक टन गेहूँ-धान (4 करोड़ मूल्य) ले जाने वाले अपराधियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। फिर भी हमने हिंसा का रास्ता नहीं चुना। हमने चुना है सत्याग्रह—वही शक्ति जिसने अंग्रेजों को भारत से खदेड़ा था। हमारी मशालें जल रही हैं अंधकार में न्याय की किरण बनकर। हमारा हल्ला बोल है—सत्य की पुकार, अहिंसा की गूंज, न्याय की मांग।
दोषी निदेशकों के नाम (आर्य एजी ग्रुप से जुड़े मुख्य आरोपी):
•  मार्गपुरी प्रसन्ना राव (प्रसन्ना राव – सीईओ/संस्थापक)
•  पट्टाननाथन देवराजन (चत्तनाथन देवराजन – सह-संस्थापक एवं एमडी)
•  वैधेही रवींद्रन
•  आनंद चंद ये नाम अब सार्वजनिक हैं—क्योंकि सत्य छिपाया नहीं जा सकता। इनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।


•  4 करोड़ की लूट का पूरा हिसाब—तुरंत FIR दर्ज हो, दोषी निदेशकों और संलिप्त व्यक्तियों की गिरफ्तारी हो।
•  प्रभावित हर किसान को पूर्ण मुआवजा—मूल राशि + उचित ब्याज + फसल/आर्थिक क्षति का पूरा हर्जाना।
•  SIT जांच में किसानों के प्रतिनिधियों की अनिवार्य भागीदारी—क्योंकि पीड़ित की आवाज बिना सुने न्याय अधूरा है।
•  दोषी कंपनियों (आर्य एजी ग्रुप सहित) के लाइसेंस रद्द हों—ताकि कोई और धरती पुत्र ठगा न जाए।
•  प्रशासन की अब तक की चुप्पी और देरी पर जवाबदेही तय हो—मौन अपराध का साथ नहीं दे सकता।
कल सिटी मजिस्ट्रेट पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर आए थे। आज सुबह 12:30 बजे हमारी मुलाकात हुई—हमने उन्हें गांधी जी का संदेश सुनाया और सत्य से अवगत कराया कि हमारी लड़ाई बदले की नहीं, शुद्ध न्याय की है।

मुलाकात के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हम जनता के सामने अपनी पीड़ा और संकल्प रखें यदि न्याय में और विलंब हुआ, तो यह सत्याग्रह और अधिक गहकि  और अधिक व्यापक होग ।
यह आंदोलन गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित है और तब तक जारी रहेगा—जब तक अंतिम सांस तक, जब तक न्याय नहीं मिल जाता, जब तक दोषी सजा नहीं पाते, जब तक हर प्रभावित किसान को उसका हक नहीं मिल जाता।

उपस्थित लोगो मे जगदीश सरन , उल्फत सिंह कठेरिया, मो हसन , रफत आलम , रमेश श्रीवास्तव,  डॉ सरताज नूरी आदि ।


जय गांधी! जय किसान! जय हिंद!

भवदीय

डॉ. हरीश कुमार गंगवार
संयोजक, बरेली किसान सत्याग्रह
9412603772

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