उत्तराखंड: गैरसैंण में बजट सत्र के पहले दिन हंगामा, यूकेडी कार्यकर्ताओं और पुलिस में झड़प; वाटर कैनन चला, कई नेता गिरफ्तार
स्थाई राजधानी की मांग को लेकर विधानसभा कूच कर रहे कार्यकर्ताओं ने तोड़ी बैरिकेडिंग, पुलिस ने किया बल प्रयोग
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में बजट सत्र के पहले ही दिन माहौल गरमा गया। गैरसैंण को राज्य की स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। दिवालीखाल से विधानसभा की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और वाटर कैनन (पानी की बौछार) का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की देखने को मिली।
दरअसल, यूकेडी कार्यकर्ता गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने समेत कई मुद्दों को लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। प्रदर्शनकारियों का जोश इतना ज्यादा था कि उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए पुलिस की तीन बैरिकेडिंग तोड़ डाली और आगे बढ़ने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का प्रयोग किया और आगे बढ़ने से रोक दिया।
सड़क पर बैठकर किया विरोध
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी विधानसभा से करीब एक किलोमीटर पहले ही सड़क पर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। इस दौरान क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
ये हैं प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
यूकेडी कार्यकर्ताओं ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थाई राजधानी घोषित करना, पहाड़ों से बढ़ते पलायन पर रोक लगाना, जंगली जानवरों के हमलों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और राज्य में सशक्त भू-कानून लागू करना शामिल है। इसके साथ ही पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग भी उठाई गई।
नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान यूकेडी युवा मोर्चा अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि 42 आंदोलनकारियों की शहादत के बाद बने इस राज्य में आज भी पहाड़ का आम आदमी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है, जबकि नेता सत्ता के सुख भोग रहे हैं।
वहीं पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने भी सरकार और जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई विधायक पहाड़ से चुनाव जीतने के बाद देहरादून और हल्द्वानी में बस जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाए।
कई नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता हिरासत में
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने यूकेडी के कई नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए नेताओं में आशीष नेगी और पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी को जंगलचट्टी और मेहलचौरी में बनाए गए अस्थाई जेल में भेज दिया।
बजट सत्र को देखते हुए गैरसैंण और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए हैं। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने और बैरिकेडिंग तोड़ने का आरोप लगाया गया है।
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