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केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ा दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल, आखिर गिरी गाज; खुद बताई है खास वजह

दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक अनोखा मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस के सिपाही पंकज शर्मा ने नई दिल्ली विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा है। पंकज का कहना है कि उन्होंने दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था से आहत होकर चुनाव लड़ने का फैसला लिया। वह 2003 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे और आठ साल तक स्पेशल सेल में रहे।

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया और अब सभी को मतगणना का इंतजार है। इस बार चुनाव में नई दिल्ली विधानसभा सीट से दिल्ली पुलिस के सिपाही पंकज भी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे।

दिल्ली पुलिस के इतिहास में यह पहली बार था कि किसी ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी ने नामांकन भरा और चुनाव लड़ा। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने पंकज को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है।

नामांकन भरने की जानकरी विभाग को नहीं दी

6 बटालियन दिल्ली पुलिस के उपायुक्त वी. हरेश्वर स्वामी के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की छठी बटालियन में तैनात सिपाही पंकज शर्मा ने बिना अनुमति नई दिल्ली विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ा। 26 जनवरी तक कर्तव्य पथ पर तैनात रहे थे और उसके बाद बिना बताए ड्यूटी से अनुपस्थित हो गए। उन्होंने नामांकन भरने की जानकारी विभाग को नहीं दी थी।

खराब कानून व्यवस्था को लेकर लड़ा था चुनाव

उन्होंने कहा कि उन्होंने सर्विस नियमों की अवहेलना की, जिसको लेकर उन्हें निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं पंकज का कहना है कि दिल्ली की बिगड़ती कानून व्यवस्था से आहत उन्होंने व्यवस्था ठीक करने के खातिर चुनाव लड़ने का फैसला लिया था और गणतंत्र दिवस की ड्यूटी के बाद विभाग को लिखित में इसकी सूचना दी थी, जो अभी तक पेंडिंग है।

अपराध खत्म करने के लिए मांग रहा था वोट

पंकज का कहना है कि वह 2003 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुए थे। वह आठ साल तक स्पेशल सेल में रहे। परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। पिता भी दिल्ली पुलिस से इंस्पेक्टर के पद से रिटायर्ड हैं। पंकज ने बताया कि अपराध को एक पुलिसकर्मी बेहतर तरीके से समझ सकता है। अपराध खत्म करने के लिए जनता से वोट मांग रहा था। पुलिस वाला होने से पहले दिल्ली का नागरिक हूं, इसलिए सुरक्षित दिल्ली के खातिर चुनाव लड़ने का फैसला किया।

बटला हाउस समेत 18 एनकाउंटर में शामिल था पंकज

पंकज का दावा है कि वह बटला हाउस समेत 18 एनकाउंटर में शामिल रहे हैं। फिलहाल वह लक्ष्मी नगर के गढ़वाली मोहल्ले में रहते हैं। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली की सीट से चुनाव लड़ने का फैसला इसलिए लिया था क्योंकि नई दिल्ली शक्ति का केंद्र है, जिससे पूरा देश कंट्रोल होता है। मुझे लगता है कि नई दिल्ली से अपनी बात रखूंगा, तो उसका फायदा पूरे देश को होगा।

ऑन ड्यूटी चुनाव लड़ने का पहला मामला नहीं

उन्होंने बताया कि ऑन ड्यूटी चुनाव लड़ने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले राजस्थान हाई कोर्ट ने 2023 के वहां के विधानसभा चुनाव में एक सरकारी डॉक्टर को चुनाव लड़ने की अनुमति दी थी। अगर वो सरकारी नौकरी में होते हुए चुनाव लड़ सकते हैं तो मैं क्यों नहीं, क्योंकि यह नियम मेरे लिए भी लागू होता है। इसलिए ड्यूटी में रहते चुनाव लड़ने का फैसला लिया।

 

उन्होंने बताया कि 26 जनवरी तक कर्तव्य पथ पर तैनात थे। इसके बाद प्रचार के लिए विभाग से अनुमति मांगी, जो अभी तक पेंडिंग है। प्रचार का समय निकला जा रहा था, इसलिए इंतजार नहीं किया। काफी लोगों का साथ मिला और डोर-टू-डोर प्रचार किया। इसके लिए अपने पास से दो लाख रुपये खर्च कर दिए।

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