Skip to main content

Used Car Buying Tips फेस्टिव सीजन में बहुत से लोग कार खरीदने का प्लान बनाते हैं। जिसमें से बहुत से लोग सेकंड हैंड कार लेते हैं। सेकंड हैंड कार लेते समय बहुत से लोग धोखे का शिकार हो जाते हैं। जिसे देखते हुए हम यहां पर आपके सेकंड हैंड कार खरीदने के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए इसके बारे में बता रहे हैं।

फेस्टिव सीजन आते ही लोग गाड़ियां खरीदने का प्लान बनाते हैं। इस दौरान बहुत से लोग नई कार खरीदते हैं तो बहुत से लोग सेकंड हैंड कार लेते हैं। पुरानी कार करने वाले कई लोग धोखे का शिकार हो जाते हैं। यह अधिकांश उन लोगों के साथ होता है, जो पहली बार पुरानी कार खरीद रहे होते हैं। जिसे हम यहां पर आपको सेकंड हैंड कार खरीदने के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए

1. गाड़ी की कंडीशन चेक करें

जब आप सेकेंड हैंड कार खरीदने जा रहे हैं तो उसके फाइनल डील से पहले उसकी कंडीशन को अच्छी तरह से चेक करें। अगर आपको तकनीकी पहलुओं की सही से जानकारी नहीं है तो आप मकैनिक की भी मदद ले सकते हैं

2. टायर की कंडीशन चेक करें

पुरानी कार खरीदने के दौरान उसके टायरों की कंडीशन को जरूर चेक करें। अगर टायर ज्यादा खराब है तो उन्हें तुरंत बदलना पड़ेगा। कई लोग पुरानी कार खरीदने के तुरंत बाद टायर बदलवा 

3. कार में डेंट या डैमेज चेक करें

पुरानी कार खरीदने के दौरान उसमें डेंट या डैमेज को जरूर चेक करें। दरवाजों को खोलकर कार के A, B और C पिलर में डेंट को चेक करें। फ्रंट डैमेज चेक करने के लिए इंजन एरिया को चेक कर सकते हैं।

4. मेंटेनेंस रिकॉर्ड चेक करें

सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले उसकी मेंटेनेंस हिस्ट्री को जरूर चेक करें। इससे आपको पता चलेगा कि कार की सर्विसिंग सही से हो रही थी या फिर नहीं। इससे आपको यह भी पता चल जाएगा कि कार कितनी मेंटेन है

5. रजिस्ट्रेशन करें चेक

सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले उसके रजिस्ट्रेशन को जरूर चेक करें। इससे आपको यह पता चलेगा कि कार का मैन्युफैक्चरिंग डेट क्या है और उसे कब खरीदा गया है। इससे आपको यह भी पता चल जाएगा कि कार कितनी पुरानी है।

6. इंश्योरेंस चेक करें

पुरानी कार खरीदने के तुरंत बाद ही उसके इंश्योरेंस को अपने नाम पर ट्रांसफर करवा लेना चाहिए। अगर आप यह काम सही समय पर नहीं करते हैं तो आपको कानूनी समस्याएं हो सकती है।

7. कार की जरूर लें टेस्ट ड्राइव

पुरानी कार खरीदने से पहले आपको उसकी टेस्ट ड्राइव जरूर लेना चाहिए। इस दौरान आप इसे हाईवे, संकरी गलियों में या ट्रैफिक वाली सड़क पर चलाकर टेस्ट कर सकते हैं। टेस्ट ड्राइव लेने से आपको यह फायदा होगा कि इसके ब्रेक, क्लच और एक्सेलरेटर सही से काम कर रहे हैं या नहीं यह पता चल जाएगा। साथ ही आपको एक्सेलरेशन और सस्पेंशन के बारे में भी पता चल जाता है।

News Category