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बिलासपुर तहसील में एंटी करप्शन टीम ने एक लेखपाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। पूछताछ के बाद एंटी करप्शन टीम लेखपाल को कोतवाली ले आई और कार्रवाई शुरू कर दी है। लेखपाल ने वारिसान बनाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी। रुपये लेकर लेखपाल ने अपनी जेब में रखे तो तभी तहसील में खड़ी एंटी करप्शन की टीम ने उसे पकड़ लिया।

बिलासपुर। तहसील के भीतर एंटी क्रप्शन ने रिश्वत लेते एक लेखपाल को रंगे हाथों दबोच लिया। पीड़ित से पूछताछ के बाद एंटी करप्शन की टीम लेखपाल को कोतवाली ले आई और कार्रवाई शुरू कर दी। क्षेत्र के गांव नवाबगंज निवासी दीपक डोबाल खेती किसानी करके अपने परिवार का भरण पोषण करता है।

उसके अनुसार नौ अगस्त को उसके पिता दीवान सिंह डोबाल का बीमारी के चलते देहांत हो गया था। जिस कारण उसे अब वारिसान बनवाना था। इसके लिए उसने अपने हल्का लेखपाल केवेंद्र सिंह से संपर्क किया और वारिसान बनाए जाने की गुहार लगाई। मगर लेखपाल ने वारिसान बनाने के बजाए टाल मटोल शुरू कर दी।

लेखपाल कई दिनों तक उसके साथ टाल मटोल करता रहा। आरोप लगाया कि ज्यादा पीछा करने पर लेखपाल ने उससे रिश्वत की मांग की। जिस पर मामला साढ़े छह हजार में तय पाया। इसी बीच गुरुवार को वह तहसील पहुंचा और उसके लेखपाल को रिश्वत की पहली किश्त के रूप में चार हजार रूपये दे दिए।

लेखपाल रिश्वत लेते गिरफ्तार

रुपये लेकर लेखपाल ने अपनी जेब में रख लिए। तभी तहसील में खड़ी एंटी करप्शन की टीम ने पूरा मामला भांप लिया। टीम ने लेखपाल और रिश्वत देने वाले दोनों को दबोच लिया। पूछताछ के बाद दोनों को कोतवाली ले आई। जहां पर एंटी करप्शन की टीम द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

 

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