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 रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 15 घंटे बाद भी रेल यातायात सामान्य नहीं हो सका है। चौथी लाइन से धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है लेकिन दिल्ली-आगरा रूट पर अभी भी ट्रेनें नहीं चल रही हैं। हजारों यात्री परेशान हैं।

मथुरा। आगरा-दिल्ली रेल रूट पर वृंदावन रोड और आझई रेलवे स्टेशन के बीच बुधवार रात मालगाड़ी के 25 वैगन पटरी से उतरने के 15 घंटे बाद भी रेल यातायात सामान्य नहीं हो सका। रात भर रेलवे प्रशासन ने राहत कार्य किया।

देर रात चौथी लाइन से आगरा-दिल्ली के बीच धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया, लेकिन गुरुवार सुबह तक दिल्ली-आगरा रूट पर ट्रेन नहीं दौड़ सकीं। इससे हजारों की संख्या में यात्री परेशान हैं।

बुधवार रात वृंदावन रोड व आझई रेलवे स्टेशन के बीच कोयला लदी मालगाड़ी के 25 वैगन पटरी से उतर गए। दस से अधिक वैगन एक-दूसरे पर चढ़ गए और पलट गए। इससे वैगन तो क्षतिग्रस्त हुए ही, रेल ट्रैक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।

वैगन पलटकर दूसरी लाइन पर आने के कारण आगरा-दिल्ली रूट पर अप लाइन के साथ ही डाउन लाइन और तीसरी लाइन पर भी आवागमन बाधित हो गया। देर रात आlगरा-दिल्ली रूट पर चौथी लाइन से धीरे-धीरे ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। लेकिन मालगाड़ी में लदा कोयला ट्रैक पर फैलने और ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण अभी बाकी लाइनों पर ट्रेनों का संचालन सुचारू नहीं हो सका है।

पहले रेल प्रबंधन ने गुरुवार सुबह तक दिल्ली-आगरा रूट पर ट्रेनों का संचालन करने का दावा किया था, लेकिन सुबह दस बजे तक इस रूट पर ट्रेन नहीं चल सकीं। घटनास्थल पर राहत कार्य के लिए चार क्रेन लगाई गई हैं। करीब 200 कर्मचारियों को इस काम में लगाया गया है।

घटनास्थल पर डीआरएम तेज प्रकाश अग्रवाल समेत रेलवे के कई अधिकारी डटे हैं। उधर, 30 से अधिक ट्रेनों का संचालन बाधित होने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों का संचालन व्यवस्थित न होने के कारण बसों में यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है।

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