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वहीं बहुअनमदार माझा के सुकईपुरवा गांव के सामने घाघरा नदी एल्गिन- चरसडी तटबंध पर दबाव बनाये हुए है। नवाबगंज दत्तनगर साकीपुर व ब्यौंदा माझा में लगभग नौ हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। बाढ़ पीड़ित तख्त के ऊपर मिट्टी के चूल्हे पर भौरी बनाकर किसी तरह परिवार का पेट भर रहे हैं। दत्तनगर के मरी माता स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में पानी भरा हुआ है।

गोंडा। ऐलीपरसौली घोड़हनपुरवा के पास सरयू नदी में नहाने गई महिला की पैर फिसलने से डूबकर मौत हो गई। बाढ़ का पानी कर्नलगंज व तरबगंज तहसल के 25 गांवों में भर गया। चारों तरफ जलभराव होने से इन गांवों के लोगों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। बाढ़ से 36 हजार 500 आबादी प्रभावित हुई है।

आवागमन के लिए 138 नावें लगाई गई हैं। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 89 सेंटीमीटर व अयोध्या में सरयू नदी 45 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। घाघरा नदी में तीन लाख 69 हजार 989 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।

उमरीबेगमगंज : सोनौली मोहम्मदपुर लोनियनपुरवा निवासी आरती, ललिता व शिवानी नदी में नहाने गई थीं। पानी अधिक होने व पैर फिसलने के कारण वह डूबने लगी। शोर सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने ललिता व शिवानी को डूबने से बचा लिया, लेकिन आरती की डूबकर मौत हो गई। थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप राय ने दुर्घटना की पुष्टि की है। परसपुर

जलस्तर में वृद्धि से चंदापुर किटौली का बिचला मांझा व धुसवा बाढ के पानी से घिर गया है। बिचला मांझा में मेवालाल आत्मा, संगमलाल, लौटन, जवाहिर, छोटई,गोली, राकेश, धनीराम, प्रेमशंकर, गौरीशंकर, बदलू,शिवशंकर व भागचंद समेत 14 लोगों के घर दी में समा गये है। घाघरा नदी का रौद्र रूप देखकर गांव के आत्मा, धनीराम व छोटई अपने आवास पर हथौड़ा चलाकर घर तोड रहे है। कमलेश पासवान ने कहा कि गांव तक अभी किसी प्रकार की सहायता नहीं मिली है।

वहीं, बहुअनमदार माझा के सुकईपुरवा गांव के सामने घाघरा नदी एल्गिन- चरसडी तटबंध पर दबाव बनाये हुए है। नवाबगंज : दत्तनगर, साकीपुर व ब्यौंदा माझा में लगभग नौ हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। बाढ़ पीड़ित तख्त के ऊपर मिट्टी के चूल्हे पर भौरी बनाकर किसी तरह परिवार का पेट भर रहे हैं।

दत्तनगर के मरी माता स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में पानी भरा हुआ है। वहीं, ब्यौंदा माझा के कंपोजिट विद्यालय में पूरी तरह से बाढ़ का पानी तेजी से बह रहा है। कर्नलगंज : तहसील के करीब 18 मजरे पूरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। एई अमरेश ने बताया कि फिलहाल कटान रुकी है, लेकिन पानी अधिक होने से तटबंध की निगरानी कराई जा रही है। तहसील प्रशासन ने गौरासिहनापुर में बाढ़ चौकी बनाने का दावा किया जा रहा है लेकिन, यहां सिर्फ एक व्यक्ति स्कूल में बैठा मिला। पूछने पर बताया कि सिर्फ राजस्व कर्म

 

एडीएम आलोक कुमार व जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बाढ़ प्रभावित गांवों का भ्रमण कर जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को राहत सामग्री के साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
 

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