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जेएनयू के एक अधिकारी ने कहा कि सामूहिक तौर पर जुर्माना हटाने की प्रक्रिया संभव नहीं है। छात्रों को व्यक्तिगत माफीनामा लिखकर देना होगा। उसके बाद ही जुर्माना हटाया जा सकेगा। जेएनयू के रेक्टर प्रो. ब्रजेश पांडेय ने कहा कि जुर्माने हटाने को लेकर कुलपति से उनकी चर्चा नहीं हुई है। चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा। 

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर जुर्माना लगाया गया है। कई छात्रों ने जुर्माने की राशि देने से इनकार किया है। इसके बाद से अगले सेमेस्टर में पंजीकरण की प्रक्रिया अटक गई है।

उनके करियर पर भी संकट मंडराने लगा है। छात्र संघ का कहना है कि जेएनयू प्रशासन ने जुर्माना हटाने का आश्वासन दिया है। हालांकि, जेएनयू प्रशासन ने इस पर निर्णय नहीं लिया है। उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में छात्र जुर्माने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें कोई आश्वासन भी नहीं दिया गया है।

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