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गणतंत्र दिवस पर मायावती की भारत सरकार से बड़ी मांग, कहा- भारत रत्न…

लखनऊ समाचार

लखनऊ: बसपा सुप्रीमो और प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत से सरकार से बड़ी मांग कर दी है. बहन जी ने बसपा के संस्थापक कांशीराम के लिए भारत रत्न की मांग की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए भारत सरकार से ये मांग की है कि अब बिना देरी किए कांशीराम को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए.

हरिद्वार: गणतंत्र दिवस पर ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा हुए सम्मानित, राज्यपाल ओर सीएम ने थपथपाई पीठ

उत्तराखंड हरिद्वार समाचार


हरिद्वार 26 जनवरी 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी देहरादून स्थित परेड ग्राउंड में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह 10:30 बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली।
 

आज का राशिफल (27 जनवरी 2026): जानिए; क्या कहते हैं आज आपके भाग्य के सितारे

मंगलवार,27 जनवरी 2026
मेष राशि
आज का दिन बिजनेस कर रहे लोगों के लिए उतार-चढ़ाव से भरा रहेगा। आप अपनी योजनाओं में कुछ बदलाव भी करेंगे, जिसका आपको अच्छा खासा फायदा मिलेगा। आप अपने रहन-सहन के स्तर में बदलाव लाने के लिए खर्चा भी अधिक करेंगे। यदि आपके परिवार में सदस्य आपको काम को लेकर कोई सलाह दें, तो आप उस पर अमल अवश्य करें। आपने यदि किसी से कोई वादा किया था, तो उसे आपको पूरा करने की कोशिश करनी होगी। आप किसी काम को लेकर कल पर ना डालें।

वृषभ राशि

भाजपा के ब्राह्मण मेयर उमेश गौतम पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री के आवास, यूजीसी कानून को बताया गलत

बरेली समाचार

बरेली: जिले के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री द्वारा यूजीसी और शंकराचार्य मामले को लेकर इस्तीफा देने के बाद बरेली में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आज भाजपा के ब्राह्मण मेयर डॉ. उमेश गौतम भी सिटी मजिस्ट्रेट के आवास पर पहुंचे और उनके समर्थन में स्पष्ट शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया दी।

बरेली नगर मजिस्ट्रेट ने अपने नाम के आगे लिखा- “इस्तीफा!

UGC Regulations 2026 और शंकराचार्य शिष्यों से मारपीट के विरोध में बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने दिया इस्तीफा 

बरेली: उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली से गणतंत्र दिवस के दिन एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने सवर्ण समाज और ब्राह्मण समाज के अपमान से आहत होकर अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह फैसला न केवल प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, बल्कि UGC Regulations 2026 और हालिया धार्मिक-सामाजिक घटनाओं को लेकर चल रहे असंतोष को भी उजागर करता है।