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उ०प्र० सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा और नकल का खुलासा, STF ने कई संदिग्धों को दबोचा, 6 FIR दर्ज

UP SI Recruitment Exam: उत्तर प्रदेश में आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा के दौरान कई जिलों में फर्जी दस्तावेज, गलत पहचान और नकल के मामले सामने आए हैं। कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के दौरान कई जिलों में फर्जीवाड़ा, गलत पहचान और नकल के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में पुलिस ने छह एफआईआर दर्ज की हैं और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। वहीं स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है।

कई जिलों में पकड़ी गई गड़बड़ियां

परीक्षा के दौरान अलग-अलग जिलों के परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों द्वारा फर्जी दस्तावेज और गलत पहचान का इस्तेमाल करने के मामले सामने आए। मेरठ कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी ने आधार कार्ड और प्रवेश पत्र में जन्मतिथि में हेरफेर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए थे।

वाराणसी के सनातन धर्म इंटर कॉलेज में ई-केवाईसी के दौरान पता चला कि एक अभ्यर्थी पहले किसी अन्य नाम और पते से परीक्षा दे चुका था। इसी तरह बदायूं के सिगलर गर्ल्स इंटर कॉलेज में भी आधार कार्ड में नाम और जन्मतिथि बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का मामला सामने आया।

अलीगढ़ के गोपीराम पालीवाल इंटर कॉलेज और सहारनपुर के गोचर महाविद्यालय में भी आधार कार्ड में हेरफेर के मामले पकड़े गए। वहीं सहारनपुर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में दो अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट बदलने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया।
STF ने ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य पकड़ा

इसी बीच एसटीएफ ने एसआई भर्ती परीक्षा पास कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से पैसे ऐंठने वाले गिरोह के एक सदस्य अनुज कुमार को मथुरा से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि अनुज अभ्यर्थियों को गोकुल रावत नामक व्यक्ति से मिलवाता था, जो 22 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का सौदा तय करता था।

पुलिस को आरोपी के पास से कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

75 जिलों में आयोजित हुई परीक्षा

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से 14 और 15 मार्च को एसआई सिविल पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेश के 75 जिलों में बनाए गए 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा कराई गई। इस भर्ती परीक्षा में कुल 15 लाख 75 हजार 760 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचे।

पांच लाख से ज्यादा अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित

भर्ती बोर्ड के अनुसार पहले दिन दो पालियों में आयोजित परीक्षा में 7 लाख 87 हजार 880 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिनमें से 5 लाख 31 हजार 682 अभ्यर्थी ही परीक्षा में पहुंचे, जबकि 2 लाख 56 हजार 198 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

दूसरे दिन भी दो पालियों में परीक्षा आयोजित हुई। इस दिन 7 लाख 87 हजार 879 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 5 लाख 45 हजार 728 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 2 लाख 42 हजार 151 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल मिलाकर परीक्षा में लगभग पांच लाख अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।

परीक्षा के सवाल पर भी मचा बवाल

एसआई भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक सवाल को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के कई ब्राह्मण नेताओं ने इस पर नाराजगी जताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय समेत कई नेताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा प्रश्न पूछना गंभीर लापरवाही है और जिम्मेदार पेपर सेटर की पहचान कर उसे दंडित किया जाना चाहिए।

कानपुर के आर्यनगर से विधायक अमिताभ बाजपेई ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की मांग की है।