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भारत और बांग्‍लादेश के बीच शुक्रवार से कानपुर में दूसरा व अंतिम टेस्‍ट शुरू हो गया। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का अभ्‍यास किया। टीम इंडिया ने अपनी प्‍लेइंग 11 में कोई बदलाव नहीं किया और ऐसे में कुलदीप यादव का सपना अधूरा रहा गया। भारत ने दूसरे टेस्‍ट में तीन तेज गेंदबाजों और दो स्पिनर्स को मौका दिया।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के सात वर्ष बाद भी कुलदीप यादव का घरेलू मैदान ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेलने का सपना अधूरा रह गया। दूसरे टेस्ट मैच में ग्रीनपार्क की पिच और लोकल ब्‍वॉय होने के कारण कुलदीप के खेलने की उम्मीद सबसे ज्यादा थी, जिस पर वर्षा ने पानी फेर दिया

मैच की रात हुई झमाझम वर्षा को देखते हुए कप्तान रोहित ने चेन्नई में टीम को जीत दिलाने वाले गेंदबाजी क्रम को ही प्राथमिकता दी। ग्रीन पार्क की पिच पर तीन स्पिनर कुलदीप, अश्विन और जडेजा के साथ उतरने की योजना बनाने वाले कोच गौतम गंभीर और कप्तान रोहित शर्मा को देर रात हुई वर्षा के बाद अपना निर्णय बदला।

भारत ने बदली रणनीति

वर्षा के कारण पिच पर नमी हो जाने से पिच काफी हद तक तेज गेंदबाजों की मददगार हो जाती है। गेंद की रफ्तार और स्विंग में भी परिर्वतन देखने को मिलता है। ऐसे में भारतीय टीम दो स्पिनर और तीन तेज गेंदबाजों के साथ ही उतरी और कुलदीप फिर अंतिम एकादश में स्थान बनाने से चूक गए।

कुलदीप का करियर

कुलदीप ने 25 मार्च 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। कुलदीप यादव अभी तक खेले 12 टेस्ट मैच में 53 विकेट हासिल कर चुके हैं। इसमें चार बार पांच विकेट लेने का कारनामा भी उनके नाम दर्ज है। इसमें भारतीय सरजमीं में खेले गए आठ टेस्ट मैच में कुलदीप ने 35 विकेट हासिल किए और उन सभी मैच में भारतीय टीम ने जीत हासिल की।

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