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नए हेड कोच गौतम गंभीर के आने के बाद टीम इंडिया पहली बार कोई टेस्ट सीरीज खेलने जा रही है। इस सीरीज में भारत के सामने है बांग्लादेश जो हाल ही में पाकिस्तान को उसके घर में हराकर आ रही है। इस सीरीज में भारत किसी भी सूरत में बांग्लादेश को हल्के में नहीं ले सकता है। भारत किसी भी तरह के उलटफेर से बचना चाहेगा।

करीब छह महीने बाद टेस्ट मैच खेलने उतर रही भारतीय टीम गुरुवार से शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज जीतकर घर पर अपना दबदबा बरकरार रखने के साथ ही विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंक तालिका में अपनी शीर्ष स्थिति मजबूत करने उतरेगी। हालांकि भारतीय टीम का सामना उस बांग्लादेश टीम से है, जिसने पिछले महीने ही पाकिस्तान को उसी के घर में 2-0 से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी।

मुख्य कोच गौतम गंभीर की कोच के रूप में यह पहली टेस्ट सीरीज है और वह भी बखूबी जानते हैं कि बांग्लादेश को हल्के में लेना कितना भारी पड़ सकता है।

स्पिनरों के विरुद्ध सुधारना होगा प्रदर्शन

भारतीय बल्लेबाजों को स्पिन के विरुद्ध अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। विशेषकर स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को क्योंकि 2021 से स्पिन के विरुद्ध उनके प्रदर्शन में गिरावट आई है। इस दौरान 15 टेस्ट में उनका औसत 30 का रहा है। इतना ही नहीं स्पिनरों के विरुद्ध सबसे सफल रहे कप्तान रोहित शर्मा भी 2021 से स्पिनरों के विरुद्ध उतने प्रभावी नहीं रहे हैं और उनके प्रदर्शन में भी गिरावट आई है। कप्तान रोहित 15 मैच में 44 की औसत से रन बना पाए हैं।

वहीं केएल राहुल का भी भारत में खेले गए पांच टेस्ट मैचों में स्पिनरों के विरुद्ध औसत केवल 23.40 का ही रहा है। इन आंकड़ों को कमजोर होते कौशल के संकेत के रूप में लिया जाना चाहिए और शायद कोच गंभीर को स्पिन खेलने की कला को निखारने पर फिर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है, जो भारतीय बल्लेबाजों की मुख्य ताकत रही है। बांग्लादेश के पास बाएं हाथ के शाकिब अल हसन और ताइजुल इस्लाम तथा ऑफ स्पिनर मेहदी हसन मिराज के रूप में कहीं बेहतर स्पिनर मौजूदा हैं जो अपने दिन किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने में सक्षम हैं।

पांचवें गेंदबाज पर मंथन

पहले टेस्ट में जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा का एकादश में जगह बनाना लगभग तय है, लेकिन कोच गंभीर और कप्तान रोहित को यह निर्णय लेना होगा कि चेपॉक की लाल मिट्टी की पिच पर आकाश दीप या यश दयाल में से किसी एक को तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में खिलाए या फिर घरेलू टेस्ट में तीन स्पिनरों के साथ उतरने की प्रवृत्ति को बरकरार रखते हुए कुलदीप यादव को अवसर दे। हालांकि टीम मैनेजमेंट अक्षर पटेल को मौका देने पर भी विचार कर सकता है क्योंकि इससे बांग्लादेश के विरुद्ध निचला बल्लेबाजी क्रम मजबूत होगा

632 दिन बाद टेस्ट में वापसी को तैयार पंत

स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत 632 दिन बाद अपना पहला टेस्ट खेलने के लिए तैयार हैं और बुधवार को नेट अभ्यास के दौरान उन्होंने अपने पुराने खेल की झलक पेश की। भयावह कार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद क्रिकेट के मैदान पर शीर्ष स्तर पर वापसी करना साधारण बात नहीं है। संयोग से पंत ने पिछला टेस्ट भी बांग्लादेश के विरुद्ध ही 2022 में खेला था। कोच गंभीर ने भी पंत को खिलाने के संकेत देते हुए कहा कि हम जानते हैं कि ऋषभ बल्लेबाज के तौर पर कितना विध्वंसक हो सकता है और टेस्ट क्रिकेट में क्या कर सकता है। उसने दुनिया भर में हर जगह रन बनाए हैं।

बनेंगे ये रिकार्ड

अगर भारतीय टीम यह टेस्ट मैच जीतती है तो टेस्ट इतिहास में पहली बार होगा, जब भारत के नाम हार से ज्यादा जीत होंगी, भारत ने अब तक 579 टेस्ट खेले हैं, जिनमें 178 जीत और 178 ही हार हैं। यशस्वी जायसवाल सात छक्के लगाने के साथ ही कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक छक्के लगाने के ब्रेंडन मैकुलम का रिकार्ड तोड़ देंगे। मैकुलम के नाम 33 छक्कों का रिकार्ड है।

टीमें :

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, सरफराज खान, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरैल, रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, आकाश दीप, जसप्रीत बुमराह और यश दयाल।

बांग्लादेश: नजमुल हुसैन शांतो (कप्तान), महमूदुल हसन, जाकिर हसन, शादमान इस्लाम, मोमिनुल हक, मुश्फिकुर रहीम, शाकिब अल हसन, लिटन दास, मेहदी हसन मिराज, ताइजुल इस्लाम, नईम हसन, नाहिद राणा, हसन महमूद, तस्कीन अहमद, सैयद अहमद और जाकिर अली।

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