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रुद्रपुर/ऊधमसिंह नगर समाचार

कोतवाली आईटीआई क्षेत्र से जुड़े मृतक सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में बरती गई घोर लापरवाही और उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर ने कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। प्रकरण में थानाध्यक्ष आईटीआई समेत दो उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि चौकी पैगा के 10 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को लाइन हाजिर किया गया है।

एसएसपी के आदेश पर उपनिरीक्षक (ना०पु०) कुन्दन सिंह रौतेला (थानाध्यक्ष, कोतवाली आईटीआई) एवं उपनिरीक्षक (ना०पु०) प्रकाश बिष्ट (कोतवाली आईटीआई) को निलंबित किया गया है। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित/प्रचलित है। निलंबन अवधि में दोनों को मूल नियम–53 के अंतर्गत अर्द्ध औसत वेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। साथ ही, उन्हें नियमानुसार पुलिस लाइन्स में रहना अनिवार्य किया गया है। जीवन निर्वाह भत्ते का भुगतान इस शर्त पर होगा कि संबंधित अधिकारी यह प्रमाणित करेंगे कि वे किसी भी प्रकार के सेवायोजन, व्यापार या व्यवसाय में संलग्न नहीं हैं।

मामले की गहन एवं विस्तृत प्रारंभिक जांच के लिए SP Crime एवं TRG, ऊधमसिंहनगर को निर्देशित किया गया है। जांच अधिकारी को निर्धारित समयसीमा में तथ्यात्मक एवं स्पष्ट जांच आख्या प्रस्तुत करनी होगी।

वहीं, चौकी पैगा, कोतवाली आईटीआई पर तैनात कुल 10 अधिकारी एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है। सभी को पुलिस लाइन्स, रुद्रपुर में तत्काल आमद करने के निर्देश दिए गए हैं।

*लाइन हाजिर किए गए अधिकारी/कर्मचारी—*

उपनिरीक्षक/चौकी प्रभारी जितेन्द्र कुमार
अ०उ०नि० सोमवीर सिंह
मु०आरक्षी 154 ना०पु० शेखर बनकोटी
आरक्षी 327 ना०पु० भूपेन्द्र सिंह
आरक्षी 690 ना०पु० दिनेश तिवारी
आरक्षी 501 ना०पु० सुरेश चन्द्र
आरक्षी 392 ना०पु० योगेश चौधरी
आरक्षी 60 ना०पु० राजेन्द्र गिरी
आरक्षी 298 ना०पु० दीपक प्रसाद
आरक्षी 159 ना०पु० संजय कुमार

एसएसपी ऊधमसिंहनगर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।