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बरेली समाचार

बरेली: मेले में हुआ प्यार, अब सरहदें तोड़कर बनीं हमसफर; अंशिका ने अपनाया हिंदू धर्म, मोनू संग लिए सात फेरे

बरेली: मोहब्बत की राहें कभी आसान नहीं होतीं, लेकिन जब इरादे मजबूत हों तो मजहब की दीवारें छोटी पड़ जाती हैं। बरेली के मीरगंज की रहने वाली 20 वर्षीय युवती अंशिका ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। अपने 5 साल पुराने प्रेम को मुकम्मल करने के लिए अंशिका ने न केवल अपना धर्म बदला, बल्कि पूरे रीति-रिवाज के साथ अपने प्रेमी मोनू के साथ सात फेरे लेकर जीवन भर का साथ निभाने की कसम खाई।

अगस्त्य मुनि आश्रम में गूंजे मंत्र, हुई नई शुरुआत

मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम इस अनोखी शादी का गवाह बना। पंडित केके शंखधार ने विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच विवाह संपन्न कराया। शादी से पहले आश्रम में अंशिका की शुद्धिकरण की रस्में पूरी की गईं, जिसके बाद उसने स्वेच्छा से हिंदू धर्म अपनाकर नई पहचान अपनाई। अग्नि के सामने सात फेरे लेने के बाद मोनू ने अंशिका की मांग में सिंदूर भरा और उसे सुहाग के प्रतीक धारण कराए।

भोजीपुरा के मेले से शुरू हुई थी प्रेम कहानी

अंशिका और मोनू की पहली मुलाकात करीब 5 साल पहले भोजीपुरा के एक मेले में हुई थी। शुरुआती दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। मोनू, जो दिल्ली में फल-सब्जी के कारोबार से जुड़े हैं, और अंशिका के बीच का यह रिश्ता उनके परिजनों को मंजूर नहीं था। युवती का आरोप है कि जब उसने घर पर इस रिश्ते की बात की, तो धर्म की दीवार बीच में आ गई और उसे जान से मारने तक की धमकियां दी गईं।

जान का खतरा: सुरक्षा के लिए पुलिस से लगाई गुहार

प्यार की खातिर घर-बार छोड़ने वाले इस जोड़े को अब अपनी जान का डर सता रहा है। हालांकि, अंशिका ने शादी से पहले जिला प्रशासन को शपथ पत्र सौंपकर स्पष्ट कर दिया है कि वह बालिग है और बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर शादी कर रही है।

बावजूद इसके, धमकियों के चलते यह नवविवाहित जोड़ा फिलहाल किसी गोपनीय स्थान पर रह रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है ताकि वे अपनी नई जिंदगी शांति से शुरू कर सकें।

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