मथुरा में Yamuna Expressway पर हुए दर्दनाक हादसे में कानपुर के एक बुजुर्ग व्यक्ति जिंदा जल गए। बस में आग लगने के बाद, उन्होंने अपनी बेटी को फोन किया औ ...और पढ़ें
मथुरा। पर घने कोहरे में हुए भयंकर हादसे में 75 वर्षीय बुजुर्ग हादसे के बाद बस में बुरी तरह से दब गए। वह निकल नहीं पाए। उन्होंने बेटी को फोन कर कहा कि हादसा हो गया। बस में दब गए हैं। किसी तरह उनको बचा लें। फिर फोन बंद हो गया। इतना सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।
बेटी मथुरा पहुंची तो पिता की जलने के बाद पिता के अवशेष मोर्चरी में रखवाए गए हैं। कानपुर नगर के रावतपुर के रहने वाले 75 वर्षीय जय प्रकाश वर्मा पेंटिंग का कार्य करते थे। वह सोमवार रात को समय शताब्दी की एसी कोच स्लीपर से दिल्ली के लिए निकले थे। मंगलवार सुबह 4.25 बजे उन्होंने बेटी मनीषा को फोन किया।
बताया कि जिस बस से वह दिल्ली जा रहे थे, उसका एक्सीडेंट हो गया है। बस में वह बुरी तरह से फंस गए हैं। उन्होंने बेटी से गुहार लगाते हुए कहा कि बचा लो। इतना सुनते ही बेटी मनीषा के होश उड़ गए। उसने स्वजन को बताया और वहां से दिल्ली के लिए निकल पड़ी।
मनीषा ने बताया कि सुबह नौ बजे सोशल मीडिया से पता चला कि मथुरा में बड़ा सड़क हादसा हो गया। मनीषा स्वजन के साथ दोपहर तीन बजे जिला अस्पताल पहुंची। यहां घायलों की सूची देखी। इसमें पिता का नाम नहीं था। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी को पिता को ढूंढने की गुहार लगाई।
जिलाधिकारी ने घायलों की सूची दिखवाई, लेकिन इसमें जय प्रकाश का नाम नहीं था। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने स्वजन को बताया कि हादसे में कई यात्री बस में जिंदा जल गए हैं। उनके कुछ अवशेष मिले हैं। डीएनए जांच के बाद उन्होंने आगे की कार्रवाई करने की बात कही। इधर पिता का कोई सुराग न लगने पर परिवार में कोहराम मच गया।
खिड़की से दो बच्चों को उतारा, लेकिन खुद न उतर सकी मां
स्लीपर कोच में सफर कर रही एक मां ने हादसे के बाद अपने दो बच्चों को खिड़की से नीचे उतार दिए, लेकिन खुद न उतर सकी। थोड़ी देर बाद आग की लपटों से घिरकर वह जिंदा जल गई। उनकी तलाश में स्वजन मोर्चरी पहुंचे, जहां उनके अवशेष मिले।
हमीरपुर के राठ निवासी गुलजारी ने बताया कि उनके भाई गोविंद दिल्ली में राजमिस्त्री हैं। भाभी पार्वती कुछ दिन पूर्व बेटी प्राची और बेटा सनी के साथ राठ आई थी। सोमवार रात को वह वापस दिल्ली घर रही थी। बलदेव थाना क्षेत्र के गांव खड़ेहरा के निकट आगरा से नोएडा की ओर माइल स्टोन 127 पर हादसा हो गया।
देवर गुलजारी ने बताया कि हादसे के बाद भाभी ने दोनों बच्चों को खिड़की से उतार दिया, लेकिन बस में फंसने के कारण वह उतर नहीं सकी। देखते ही देखते बस में लगी आग की लपटों में वह भी घिर गई। स्वजन ने बताया कि उन्होंने घायलों की सूची देखी, लेकिन भाभी नहीं मिली हैं। इसके बाद पुलिस ने उनको मोर्चरी भेज दिया।
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