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जौनपुर में बुधवार को वज्रपात से दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। पहली घटना में मछली मार रहे दो बच्चे पेड़ के नीचे वज्रपात की चपेट में आ गए। दूसरी घटना में खेत में खाद डाल रहे एक किसान की वज्रपात से मृत्यु हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर कार्यवाही की और गांवों में शोक का माहौल है।

जौनपुर। जनपद में दो स्थानों पर बुधवार को दोपहर वज्रपात से दो बच्चों समेत तीन की मौत हो गई। बच्चे सड़क किनारे गड्ढे में मछली मारने गए थे। पुलिस ने पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की।

सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गौर गांव निवासी लालमन का 15 वर्षीय पुत्र किशन व बुधिराम का 13 वर्षीय पुत्र अतुल कुमार घर से पांच सौ मीटर दूर सड़क किनारे गड्ढे में एकत्र बारिश के पानी में मछली मारने गए थे। दोपहर एक बजे अचानक बादलों की गरज के साथ बारिश शुरू हो गई।

दोनों बच्चे बारिश से बचने के लिए भागकर शीशम के पेड़ के नीचे चले गए। इसी दौरान वज्रपात से दोनों झुलस गए। किसी ने बच्चों के पेड़ के नीचे पड़े होने की जानकारी उनके स्वजन को दी।

स्वजन चीखते-चिल्लाते पहुंचे तो दोनों दम तोड़ चुके थे। सूचना पर पुलिस ने पहुंचकर शवों को कब्जे में ले लिया। दो बच्चों की मौत से गांव में मातम का माहौल है।

दूसरी घटना खेतासराय क्षेत्र के गयासपुर नोनारी गांव में हुई। गांव निवासी 50 वर्षीय बहादुर अपने पुत्र सभाजीत के साथ धान की फसल में उर्वरक का छिड़काव कर रहे थे। दोपहर में गरज-चमक के साथ हुए वज्रपात में बहादुर चपेट में आ गए और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

उनके गिरते ही पुत्र सभाजीत चीखने-चिल्लाने लगा। स्वजन व ग्रामीण पहुंचे और उन्हें घर लेकर आए, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी।

किसान की मौत से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। परिवार के लोग रोने-बिलखने लगे। मृत बहादुर परिवार के भरण-पोषण के लिए खेती-किसानी पर ही निर्भर थे। पुलिस ने पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की।

 

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