सप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची पर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। सीपीआई (एमएल) ने तुरंत नौ आपत्तियां दर्ज कराई हैं जबकि अन्य दल भी तैयारी कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने जिलों को अतिरिक्त तैयारी करने के निर्देश दिए हैं क्योंकि व्यक्तिगत दावे-आपत्तियों की संख्या भी बढ़ रही है
बिहार की ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियों से अब तक दूर रहे राजनीतिक दल अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सक्रिय हुए है। बिहार के मान्यता प्राप्त दल सीपीआई (एमएल) ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अगले ही दिन ड्राफ्ट सूची को लेकर नौ दावे-आपत्तियां दर्ज कराई है
वहीं राज्य के दूसरे दलों ने भी दावे-आपत्तियों को लेकर अपनी तैयारी तेज कर दी है। माना जा रहा है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची पर दावे व आपत्तियों को लेकर बाकी बचे अगले नौ दिनों में राजनीतिक दलों की ओर से इसे लेकर और भी ज्यादा सक्रियता देखने को मिल सकती है।
जिलों को अतिरिक्त तैयारी करने के निर्देश
चुनाव आयोग ने भी अंतिम दिनों में बड़ी संख्या में दावे-आपत्तियों के आने की संभावना को देखते हुए जिलों को अतिरिक्त तैयारी करने के निर्देश दिए है। यह बात अलग है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर मतदाताओं की ओर से व्यक्तिगत दावे-आपत्तियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
आयोग की ओर से शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक अबतक करीब एक लाख से दावे व आपत्तियां व्यक्तिगत रूप से दर्ज कराई गई है। इनमें से करीब सात हजार दावे-आपत्तियों का निराकरण सात दिन में कर दिया गया है।
वहीं पहली बार मतदाता बनने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। अब तक करीब 2.83 लाख लोगों ने फार्म-6 जमाकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करने के लिए आवेदन किया है। इनमें अधिकांश ऐसे है, जो 18 साल की उम्र पूरी कर चुके है या फिर अक्टूबर तक पूरी करने वाले है।
- Log in to post comments
- 4 views