बरसाना में राधाष्टमी के अवसर पर लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। प्रशासन ने मंदिर तक पहुंचने के लिए एकल मार्ग व्यवस्था की है जिसमें श्रद्धालुओं को दो किलोमीटर पैदल चलना होगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। राधारानी मंदिर जाने वाले मार्ग पर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
बरसाना। कृष्ण प्रिया बृषभानु दुलारी के जन्मोत्सव को लेकर इस बार प्रशासन ने पूरी तैयारी तेज कर दी है। करीब 15 लाख श्रद्धालुओं के राधाष्टमी पर बरसाना आने की संभावना है। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर पहुंचने की एकल मार्ग व्यवस्था की गई है।
करीब दो किमी पैदल चलकर श्रद्धालु राधारानी के दर्शन कर पाएंगे। जो श्रद्धालु परिक्रमा लगाते हैं, उन्हें करीब दस किमी पैदल चलना होगा। ऐसे में राधारानी मंदिर जाने वाले तमाम मार्ग प्रतिबंध रहेंगे। श्रद्धालु सिर्फ पीली कोठी तिराहा से ही राधारानी मंदिर मार्ग में प्रवेश करेंगे।
कान्हा के जन्मोत्सव के बाद 31 अगस्त को बरसाना में राधारानी का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। ऐसे में 29 अगस्त से ही श्रद्धालु बरसाना पहुंचने लगेंगे। इस बार पुलिस प्रशासन का अनुमान है कि 30 को शनिवार और 31 अगस्त को रविवार होने के कारण 12 से 15 लाख श्रद्धालु बरसाना आएंगे।
बरसाना जैसे छोटे कस्बे में इतने श्रद्धालुओं को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए चुनौती से कम नहीं है। छाता, नंदगांव, कांमा, गोवर्धन रोड की तरफ से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को नया बस स्टैंड मार्ग से घुमाते हुए पीली कोठी तिराहा, पुराना बस स्टैंड, बाग मुहल्ला, सुदामा चौक की पुरानी सीढ़ी होते हुए दादी बाबा मंदिर मार्ग से राधारानी मंदिर ले जाया जाएगा।
एकल मार्ग की व्यवस्था के चलते दर्शन करने वाले सभी श्रद्धालुओं को जयपुर मंदिर मार्ग से नीचे उतारा जाएगा। भीड़ के चलते छोटी परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगी। इस दौरान ब्रह्मांचल पर्वत की बड़ी परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए सुचारू रहेंगी। बड़ी परिक्रमा चिकसोली तिराहा से शुरू होगी।
वहीं बड़ी परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को करीब दस किलो मीटर पैदल चलने के बाद ही राधारानी के दर्शन होंगे। एसपी देहात सुरेश चंद रावत ने बताया कि राधाष्टमी महोत्सव पर इस बार पहले से बेहतर व्यवस्था होगी। एकल मार्ग के चलते सभी श्द्धालुओं को नया बस स्टैंड से पीली कोठी तिराहा होते हुए राधारानी मंदिर ले जाया जाएगा।
वहीं जयपुर मंदिर मार्ग से नीचे उतारा जाएगा। रोप वे से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सिंहपौर से ऊपर ले जाया जाएगा। इस दौरान राधारानी मंदिर जाने वाले तमाम मार्ग बंद रहेंगे। सिर्फ पीली कोठी तिराहा मार्ग खुला रहेगा। पार्किंग स्थल से ई- रिक्शा पीली कोठी तिराहा तथा गोवर्धन रोड कटारा पार्किंग तक संचालित रहेंगे। गोवर्धन ड्रेन के दोनों पुल से लेकर कस्बे में बाइक, ई रिक्शा पूर्ण प्रतिबंध रहेंगे। यह दो किलोमीटर का एरिया पैदल मार्ग ही रहेगा।
टुकड़ियों में होगा श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश
इस बार श्रद्धालुओं का राधारानी प्रवेश के लिए मुख्य मार्ग नया बस स्टैंड से होगा। इस दौरान नया बस स्टैंड से लेकर राधारानी मंदिर गेट होते हुए राधारानी मंदिर तक श्रद्धालुओं को करीब 25 बाक्स में होते हुए निकलना पड़ेगा। प्रत्येक टुकड़ी में 500 श्रद्धालु रहेंगे। ऐसे में पर 25 हजार श्रद्धालुओं को एक साथ टुकड़ी के माध्यम से राधारानी मंदिर ले जाने का लक्ष्य है। वहीं परिक्रमा लगाने वाले श्रद्धालुओं को भी उक्त टुकड़ी के माध्यम से राधारानी के दर्शन हो सकेंगे। नया बस स्टैंड से लेकर कटारा चौक श्रद्धालुओं के लिए 12 बैरिकेड्स लाइन बनाई जाएगी। कटारा चौक से सुदामा चौक तक छह बैरिकेड्स लाइन बनाई जाएंगी
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