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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में संसद सदस्यों के लिए 184 नवनिर्मित फ्लैटों का उद्घाटन किया। उन्होंने सिंदूर का पौधा लगाया और कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इन फ्लैटों का नाम भारत की चार महान नदियों के नाम पर रखा गया है जो देश की एकता को दर्शाती है। पीएम मोदी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को इन नामों से भी परेशानी होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर संसद सदस्यों के लिए नवनिर्मित 184 टाइप-VII बहुमंजिला फ्लैटों का उद्घाटन किया। इससे पहले पीएम मोदी ने सिंदूर का पौधा भी लगाया।

उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभी कुछ ही दिन पहले मैंने कर्तव्य पथ ओर कर्तव्य भवन का लोकार्पण किया था। पीएम मोदी ने कहा कि आज मुझे संसद में अपने सहयोगियों के लिए इस Residential Complex के उद्घाटन का अवसर मिला है।

विपक्ष पर भी कसा तंज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन चार टावर्स के नाम भी बेहद सुंदर हैं। कृष्णा, गोदावरी, कोसी, हुगली, भारत की चार महान नदियां, जो करोड़ों लोगों को जीवन देती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अब उनकी प्रेरणा से हमारे जन प्रतिनिधियों के जीवन में भी आनंद की नई धारा बहेगी।

पीएम मोदी ने इस दौरान तंज कसते हुए कहा कुछ लोगों को परेशानी भी होगी। कोसी नदी पर नाम रखा है, तो उनको कोसी नदी नहीं दिखेगी, उनको बिहार का चुनाव नजर आएगा। ऐसे छोटे मन के लोगों के मन की परेशानियां भी दिखेंगी। नदियों के नामों की परंपरा देश की एकता के सूत्र में हमें बांधती है।

पीएम मोदी ने सांसदों को दी बधाई

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कहा कि आज मुझे संसद में अपने सहयोगियों के लिए इस आवासीय परिसर का उद्घाटन करने का अवसर मिला। मैं सभी सांसदों को बधाई देता हूं। मैं इन फ्लैटों के निर्माण में शामिल सभी इंजीनियरों और श्रमिक मित्रों की भी सराहना करता हूँ, जिनकी कड़ी मेहनत से यह परियोजना संभव हो पाई है।

'सांसदों के पुराने आवास बदहाली के शिकार थे'

हमारे सांसद साथी जिस नए आवास में प्रवेश करेंगे, अभी मुझे उसका एक सैंपल फ्लैट देखने का भी मौका मिला। मुझे पुराने सांसद आवासों को देखने का मौका भी मिलता रहा है। पुराने आवास जिस तरह बदहाली का शिकार होते थे, सांसदों को जिस तरह आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नए आवासों में गृह प्रवेश के बाद उनसे मुक्ति मिलेगी। सांसद साथी अपनी समस्याओं से मुक्त रहेंगे, तो वो अपना समय और अपनी ऊर्जा और बेहतर तरीके से जनता की समस्याओं के समाधान में लगा पाएंगे।

'भारत के विकसित होने का अधीर है 21वीं सदी'

21वीं सदी का भारत जितना विकसित होने के लिए अधीर है, उतना ही संवेदनशील भी है। आज देश कर्तव्य पथ और कर्तव्य भवन का निर्माण करता है। तो करोड़ों देशवासियों तक पाइप से पानी पहुंचाने का अपना कर्तव्य भी निभाता है। आज देश अपने सांसदों के लिए नए घर का इंतजार पूरा करता है। तो पीएम-आवास योजना के जरिए 4 करोड़ गरीबों का गृह प्रवेश भी करवाता है।

'देश संसद देश की नई इमारत बनाता है, तो सैकड़ों कॉलेज भी बनाता है'

आज देश संसद की नई इमारत बनाता है, तो सैंकड़ो नए मेडिकल कॉलेज भी बनाता है। इन सबका लाभ हर वर्ग, हर समाज को हो रहा है। Sustainability और स्वच्छता इस इमारत की पहचान बने, ये हम सबका वादा होना चाहिए। न केवल सांसद आवास बल्कि ये पूरा परिसर हमेशा साफ और स्वच्छ रहे तो कितना ही अच्छा होगा।

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