शाहजहांपुर के कलान में तहसील प्रशासन की लापरवाही से एक बड़ा हादसा हो गया। कासगंज निवासी पान सिंह अपनी पत्नी और बेटियों के साथ बाढ़ प्रभावित इलाके से गुजर रहे थे जहाँ सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। टेंपो से बचने की कोशिश में बाइक पलटने से पत्नी की मौत हो गई और बेटी लापता है। घटना के बाद प्रशासन ने बैरिकेड लगाए।
शाहजहांपुर। कलान तहसील प्रशासन की लापरवाही से रविवार शाम मिर्जापुर में बड़ी घटना हो गई। 40 किमी. के फेर बचाने के लिए कासगंज निवासी पान सिंह परिवार को बाइक से लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंच गए।
लोगों को सचेत करने के लिए न तो संकेतक लगे थे और न ही कोई पुलिसकर्मी तैनात था। मुख्य मार्ग पर दो फीट पानी भरा होने के बावजूद बेरोकटोक निकल रहे वाहनों को देख उन्होंने भी प्रयास किया, लेकिन सामने से आ रहे टेंपो से बचने के प्रयास में बाइक अंसतुलित होकर गिर गई।
पानी में डूबने से पत्नी की मृत्यु हो गई। जबकि पांच वर्षीय बेटी की तलाश जारी है। घटना के बाद आनन फानन में बेरिकेड लगाए गए, लेकिन उसके बाद भी वाहन निकलते रहे। एसडीएम फर्रखाबाद प्रशासन पर ठीकरा फोड़ते रहे
कलान तहसील में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर हो चुका है। यहां फर्रुखाबाद शमशाबाद राज्य राजमार्ग पर कई दिनों से दो से ढाई फीट तक पानी बह रहा है। बावजूद इसके तहसील प्रशासन की ओर से यहां निकल रहे वाहनों को लेकर कोई सुरक्षात्मक कदम नहीं उठाए गए।
कासगंज के दरियागंज क्षेत्र के चौकी गांव निवासी पान सिंह रक्षाबंधन पर पत्नी रोली देवी, बेटी सोनम व काजू को लेकर अपनी ससुराल मिर्जापुर के पहाड़पुर गांव आए थे। उस समय हाईवे पर काफी कम पानी था। रविवार दोपहर बाद चारों लोग बाइक से वापस घर जा रहे थे।
भरतपुर गांव के पास पहुंचे तो यहां पर लगभग बीस मीटर दायरे में डिब पर दो फीट पानी बह रहा था। दोनों ओर से वाहन आ जा रहे थे। कोई संकेतक भी नहीं लगा था और न ही कोई पुलिसकर्मी वहां पर तैनात था। ऐसे में पान सिंह ने भी बाइक बढ़ा दी।
सामने से अचानक टेंपो आ गया तो उन्होने साइड में बचने का प्रयास किया, जिससे पहिया गहरे में चला गया ओर बाइक सहित चारों लोग डूब गए। मौके पर मौजूद लोगों ने पान सिंह व सोनम को तो पानी से बाहर निकाल लिया, लेकिन रोली व काजू अधिक गहरे में चली गईं।
कुछ देर बाद रोली का शव बरामद हो गया जबकि काजू की गोताखोर तलाश कर रहे हैं। घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम अभिषेक प्रताप टीम सहित मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां पर बैरियर लगवाए, लेकिन वाहनों का आवागमन जारी रहा। एसडीएम अभिषेक प्रताप ने कहा कि जिले की सीमा में पानी दोपहर 12 बजे के बाद बढ़ा।
इससे पहले जहां तक पानी था वह फर्रुखाबाद की सीमा था। इसलिए यातायात रोकने के लिए वहां के प्रशासन को ध्यान देना चाहिए था। इसमें तहसील प्रशासन की कोई गलती नहीं है।
एडीएम ने एक दिन पहले जताई थी नाराजगी
एक दिन पूर्व एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार जब बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण के लिए पहुंचे तो उन्होंने भी हाईवे पर जलभराव के बीच से वाहनों के निकलने को लेकर नाराजगी जतायी थी।
उन्होंने यहां पर सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन चौबीस घंटे के अंदर हादसा हो गया।
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