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जमुई के आमीन गांव में मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। एक ही घर में 558 सदस्यों को दिखाया गया है जिससे बीएलओ की लापरवाही उजागर हुई है। मतदाता सूची में कई त्रुटियां हैं जैसे कि अलग-अलग धर्म के लोगों का एक ही घर में नाम होना और मकान संख्या का क्रमबद्ध न होना। इस गड़बड़ी के कारण मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

जमुई। सदर प्रखंड अंतर्गत आमीन गांव की ही प्रारूप मतदाता सूची में कल्पना से परे एक और परिवार मिल गया है। यहां एक दिन पूर्व ही मतदान केंद्र संख्या 86 में एक ही मकान संख्या में 246 मतदाताओं का नाम सूचीबद्ध रहने का मामला सामने आया था। इस बार बीएलओ की गलती मतदान केंद्र संख्या 85 से उजागर हुई है।

यहां 89 साल की शकीला खातून का 558 सदस्यों का परिवार दर्शाया गया है। उनके मकान संख्या 49 में क्रम संख्या 269 से जो सिलसिला शुरू होता है, उसे 827 पर जाकर विराम मिलता है। बूथ लेवल अधिकारी की कार्यशैली का नायाब नमूना मतदाता सूची के प्रारूप में देखने को मिलता है।

यहां एक ही घर में शमा परवीन के साथ अनिल साव की पत्नी प्रियंका का ठिकाना है। गृह संख्या दो में अफजल और जयराम चौधरी साथ-साथ रह रहे हैं। मकान संख्या पांच में संजीदा और सूफी खातून के साथ मैना और मीना देवी का ठिकाना बताया गया है।

यह चंद नाम बानगी भर है। ऐसी त्रुटियां आमीन गांव के मतदान केंद्र संख्या 85 और 86 की मतदाता सूची में भरे पड़े है। यहां क्रम संख्या के साथ घटते उम्र वाले को श्रेणीबद्ध किया गया है।

मतदाता सूची के प्रारूप अवलोकन के पश्चात 89 साल की शकीला के 558 सदस्यों के परिवार में सभी नामों को उम्र के हिसाब से सूचीबद्ध किया गया प्रतीत हो रहा है। गृह संख्या भी सिलसिलेवार नहीं है।  या फिर यूं कहें कि कई मकान गायब हो गए।

मकान संख्या 50 के बाद 52, उसके बाद 55 फिर 56 और 60, 67 के बाद 86 और 89 के बाद 98, यह सब देख बच्चों को 100 तक की गिनती पढ़ाने वाले शिक्षक की काबिलियत और मनोदशा सवालिया घेरे में है।

895 क्रम संख्या के मतदाता की मकान संख्या जलाल मंजिल और 894 क्रम संख्या के मतदाता की मकान संख्या के सामने पंचायत का नाम चौडीहा दर्ज है।

इसी प्रकार 896 में ना, 897 में मतदाता के पिता का नाम जवाहर चौधरी मकान संख्या के सामने दर्ज हो गया। क्रम संख्या 900 में वार्ड नंबर की संख्या ही अंकित कर दी गई।