आगरा में अवैध मतांतरण गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। गिरोह का सरगना अब्दुल रहमान सामूहिक मतांतरण की योजना बना रहा था। पुलिस को उसकी व्हाट्सएप चैट से इसका पता चला है जिसमें वह विभिन्न राज्यों में सामूहिक मतांतरण कराने की योजना बना रहा था। उसके मोबाइल में छह पाकिस्तानी नंबर भी मिले हैं जिनसे वह लगातार संपर्क में था।
आगरा। अवैध मतांतरण गिरोह का प्रमुख चेहरा अब्दुल रहमान भी मौलाना कलीम सिद्दीकी की तरह सामूहिक मतांतरण की योजना पर काम कर रहा था। पुलिस को उसकी व्हॉट्सऐप चैट मिली है। अब्दुल रहमान और गिरोह से जुड़े लोग कई शहरों एवं राज्यों में लोगों के सामूहिक मतांतरण योजना की वाट्सएप चैट मिली है। इसके साथ ही आरोपित के मोबाइल की काल डिटेल में पुलिस को छह पाकिस्तानी नंबर मिले हैं। उक्त नंबराें के वह निरंतर संपर्क मे था। पाकिस्तानी नंबरों पर उसकी लंबी बातचीत होती थी
सदर से इस वर्ष 24 मार्च को गायब दो बेटियों को पुलिस ने 18 जुलाई को कोलकाता के मुस्लिम बाहुल्य तपसिया इलाके से बरामद किया था। बेटियों का अवैध मतांतरण कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया। गिरोह का प्रमुख चेहरा दिल्ली के मुस्तफाबाद का रहने वाला अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह है। अब्दुल रहमान चार अगस्त तक पुलिस रिमांड पर है।मंगलवार को छह आरोपितों की रिमांड की अवधि समाप्त होने पर जेल भेज दिया। चार आरोपितों गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, शाहगंज के सराय ख्वाजा के रहने वाले रहमान कुरैशी, हसन अली उर्फ शेखर राय एवं मोहम्मद अली उर्फ पीयूष पंवार को एक अगस्त तक की रिमांड पर लिया है।
अब्दुल रहमान की रिमांड भी दो अगस्त तक की है। पुलिस इन पांचों लाेगों के बैंक खातों और मोबाइल डाटा व काल डिटेल खंगाल रही है।साइबर क्राइम विशेषज्ञों द्वारा अब्दुल रहमान की वाट्सएप चैट को रिकवर किया गया है। जांच टीमों को इसमें सामूहिक मतांतरण की योजना पर काम करने की बातचीत मिली है। वह महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, समेत पूवोत्तर कुछ राज्यों में सामूहिक मतांतरण कराने की योजना पर काम कर रहा था। जांच टीमों को आरोपित के मोबाइल से छह पाकिसस्तानी नंबर मिले हैं। काल डिटेल खंगालने पर आरोपित की इन नंबराें पर लगातार बातचीत मिली है। जांच टीमें आरोपित से पूछताछ करके यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि उक्त नंबर किसके एवं पाकिस्तान के किन शहरों के हैं? उक्त नंबरों पर वह क्या बातचीत करता था?
आरोपित चार लोगों आयशा, यूट्यूब चैनल द सुन्ना चलाने वाले रहमान कुरैशी, हसन अली और मोहम्मद अली से भी पुलिस टीमों की पूछताछ जारी है। आरोपितों के मोबाइल की काल डिटेल और वाट्सएप चैट साइबर क्राइम थाने की टीमों ने निकाल ली है। जिसके आधार पर उनसे अलग-अलग पूछताछ में पुलिस को कई नई महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं। जिन पर वह काम कर रही है।
साक्ष्य की कड़ियां जोड़ रहीं जांच टीमें
अवैध मतांतरण गिरोह के तार उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम, गोवा एवं कश्मीर से जुड़े हैं। जबकि विदेशों में पाकिस्तान, दुबई एवं कनाडा से जुड़े हैं।पुलिस टीमें आरोपितोंं से मिली साक्ष्यों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। न्यायालय में यह साक्ष्य ही आरोपितों को सजा दिलाने में मददगार साबित होंगे। पुलिस साक्ष्यों को एकत्रित करने के साथ ही गिरोह के लोग एक दूसरे से किस तरह से कनेक्ट थे, इसे भी जोड़ रही है। इसके अलावा अवैध मतांतरण के लिए आरोपितों को होने वाली फंडिंग के बारे में भी साक्ष्यों को एकत्रित किया गया है।
अब्दुल रहमान के मोबाइल की काल डिटेल में पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिन पर वह लगातार बात करता था। इन नंबरों पर क्या बात हुई, पूछताछ जारी है। आरोपित की वाट्सएप चैट में लोगों का सामूहिक मतांतरण कराने की बात सामने आई है।- दीपक कुमार, पुलिस आयुक्त
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