गाजियाबाद में हवाला कारोबार और फर्जी दूतावास मामले में गिरफ्तार हर्षवर्धन जैन को पुलिस रिमांड मिली है। कोर्ट ने पांच दिन की रिमांड मंजूर की है जिसके दौरान पुलिस आरोपी से पूछताछ करेगी। पुलिस को आरोपी के पास से विदेश मंत्रालय की नकली मुहर मिली है और कई देशी-विदेशी कंपनियों के लेनदेन का पता चला है।
गाजियाबाद। हवाला कारोबार और स्वयंभू देशों के फर्जी दूतावास खोलने के आरोपित कविनगर निवासी हर्षवर्धन जैन को पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर हो गई है। मंगलवार सुबह 10 बजे से दो अगस्त की शाम चार बजे तक पुलिस आरोपित से केस से जुड़े मामले में पूछताछ कर सकती है।
कोर्ट में पुलिस ने बताया कि आरोपित से विदेश मंत्रालय की मुहर बरामद हुई हैं। प्रथमदृष्टया यह मुहर जाली प्रतीत हो रही हैं इसलिए आरोपित से पूछताछ की जानी है कि उसने यह मुहर कहां से बनवाई हैं। आरोपित के कई अन्य सहयोगियों के नाम भी जांच में सामने आए हैं। उनके संबंध में भी जानकारी जुटाई जानी है।
सोमावर को सीजेएम कोर्ट में आरोपित हर्षवर्धन जैन को पेश किया गया। कोर्ट में विवेचक ने कहा कि आरोपित को गिरफ्तार करते समय पूछताछ का ज्यादा समय नहीं मिल पाया था। इसलिए उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जानी है।
आरोपित के पास से मिली डायरी में कई देशी एवं विदेशी कंपनियों के संबंध में जानकारी मिली है। उससे इन कंपनियों के दस्तावेज तथा लेनदेन के विवरण के बारे में आरोपित से पूछताछ की जानी है तथा उसकी रिकवरी भी की जानी है। आरोपित एवं उसकी कंपनियों के बैंक खाते की जानकारी भी डायरी से हुई है जिनमें किए गये लेनदेन के बारे में पूछताछ की जानी है।
दूसरी ओर, बचाव पक्ष के अधिवक्ता जयवीर सिंह ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि हर्षवर्धन जै के यहां से 60 लाख रुपये बरामद हुए हैं लेकिन एसटीएफ ने बरामदगी सिर्फ 44.70 लाख रुपये की दिखाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपित को पांच दिन की रिमांड पर देने का आदेश दिया है। रिमांड की अवधि मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू होगी।
आरोपित को दिल्ली और गुजरात भी लेकर जाएंगे
पूछताछ के दौरान एसटीएफ आरोपित को दिल्ली और गुजरात भी लेकर जाएगी। आरोपित के रशिक लाल, नितिन हैन, अभिषेक डालमिया, आलोक दुलिया तथा दीपक भण्डारी नामक सहयोगियों के नाम शुरूआती जांच में सामने आए हैं। इन लोगों के संबंध में भी हर्षवर्धन जैन से पूछताछ की जानी है।
गोवा में कैसिनो और रिजार्ट खोलने की तैयारी
जांच में सामने आया है कि आरोपित गोवा में कैसिनो और रिजार्ट भी खोलने की तैयारी में था। विदेशों में खोली गई कंपनियोें के माध्यम से गोवा के कैसिनो में रुपये निवेश कराकर उसे शुरू कराने की योजना बनाई गई थी। लेकिन उससे पहले ही एसटीएफ ने उसे दबोच लिया।
एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का लग रहा फर्जीवाड़ा
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि आरोपित ने 25 साल में विदेशों में 25 से ज्यादा कंपनियां खोली और उनमें करोड़ों रुपये का निवेश कराकर हवाला कारोबार के जरिए काला धन सफेद करने का काम किया। उसके कई बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है। जांच में इन सभी कंपनियों में हुए लेनेदन और कारोबार का ब्योरा भी लिया जाएगा।
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