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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी त्योहारों, विशेषकर कांवड़ यात्रा के मद्देनजर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने यात्रा मार्ग पर दुकानों पर संचालक का नाम प्रदर्शित करने, खुले में मांस बिक्री प्रतिबंधित करने और खाद्य सामग्री की दरें तय करने के निर्देश दिए। साथ ही, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। भड़काऊ नारों और हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाने तथा शरारती तत्वों पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने जातीय संघर्ष फैलाने की कोशिशों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए और अफवाहों पर नियंत्रण के लिए सोशल मीडिया निगरानी पर जोर दिया।  

लखनऊ। पिछले साल की तरह इस बार भी कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली दुकानों में संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। साथ ही यात्रा मार्ग पर खुले में मांस बिक्री को प्रतिबंधित किया गया है। आगामी दिनों में पड़ने वाले त्योहारों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर खाद्य सामग्री की दरों को तय किया जाए।

कहीं भी अधिक कीमत न वसूली जाए। मुख्यमंत्री ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने पुलिस आयुक्तों, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये कहा कि 11 जुलाई से नौ अगस्त तक पवित्र श्रावण मास रहेगा।

इस दौरान पारंपरिक कांवड़ यात्रा, श्रावणी शिवरात्रि, नागपंचमी और रक्षाबंधन जैसे पर्व मनाए जाएंगे। 27 जून से आठ जुलाई तक जगन्नाथ रथ यात्रा तथा 27 जून से छह व सात जुलाई तक मोहर्रम के आयोजन संभावित हैं। यह समय प्रदेश की कानून-व्यवस्था, चिकित्सा, स्वच्छता, शिक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए सभी संबंधित विभाग व जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। कांवड़ यात्रा को लेकर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सीमा से सटे जिलों सहित गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, अयोध्या, प्रयागराज, काशी, बाराबंकी और बस्ती में विशेष सतर्कता बरती जाए।

योगी ने निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर म्युजिक सिस्टम, ढोल-ताशा और संगीत की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए। तेज आवाज, भड़काऊ नारे और परंपरा से हटकर रूट परिवर्तन न किया जाए। ताजिया, रथ या कांवड़ यात्रा में प्रयुक्त म्युजिक सिस्टम की ऊंचाई भी नियत सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए।

किसी शोभायात्रा के लिए पेड़ न काटा जाए, झुग्गियां या गरीबों का आश्रय न उजाड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं, जिनमें भेष बदलकर अराजक तत्वों के शामिल होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए सभी जिलों को सतर्क रहने की जरूरत है।

उन्होंने थाना, हल्का और चौकी स्तर पर स्थानीय प्रशासन कांवड़ संघों के साथ संवाद बनाने के निर्देश भी दिए। कहा, श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है, लेकिन किसी शरारती तत्व को अवसर नहीं मिलना चाहिए। निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर कहीं भी खुले में मांस की बिक्री न हो। यात्रा मार्गों की स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय व प्राथमिक चिकित्सा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जर्जर बिजली के पोल और लटकते तारों की मरम्मत यात्रा शुरू होने से पहले करा ली जाए। यात्रा को लेकर शिविर लगाने वाली संस्थाओं का सत्यापन कर उनके सहयोग से जनसुविधा केंद्र संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को शिवालयों में भारी भीड़ होती है। ग्राम, कस्बों और नगरों के मंदिरों के आसपास की साफ-सफाई, जलनिकासी और यातायात प्रबंधन के लिए पंचायती राज और नगर विकास विभाग अग्रिम तैयारी कर लें।

उन्होंने प्रतिबंधित पालीथीन के प्रयोग पर पूरी सख्ती बरतने के भी निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाद्य सामग्री की दरों को तय किया जाए, जिससे यात्रियों से ज्यादा कीमत न ली जा सके। पूर्व वर्ष की भांति प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने खाद की ज्यादा कीमतें वसूलने शिकायतों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संबंधित जिलाधिकारी औचक निरीक्षण करें और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक यात्राओं में हथियारों का प्रदर्शन और धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग सौहार्द को बिगाड़ता है। इन पर पूरी सख्ती से रोक लगाई जाए। आवश्यकता पड़ने पर ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाए। 

मोहर्रम को लेकर शांति समितियों से संवाद कायम करें

मुख्यमंत्री ने मोहर्रम के आयोजनों के लिए स्पष्ट निर्देश दिए कि विगत वर्षों में हुई दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए इस वर्ष सभी पूर्व व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके लिए शांति व आयोजन समितियों से संवाद स्थापित कर कार्यक्रमों को परंपरागत मार्गों पर शांतिपूर्वक संपन्न कराया जाए।

प्रदेश में जातीय संघर्ष फैलाने का हो रहा षड्यंत्र, सख्ती से निपटे पुलिस : योगी

कौशांबी, इटावा और औरैया की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जातीय संघर्ष फैलाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। पुलिस को निर्देश दिए कि दोषियों को बेनकाब कर सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जातीय संघर्ष की कोशिशें प्रदेश हित के विरुद्ध हैं और किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएंगी।

इटावा में कथावाचक के साथ मारपीट और चोटी काटने की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने एसएसपी ब्रजेश श्रीवास्तव और औरैया व कौशांबी में भी ऐसी ही घटनाओं पर वहां के एसपी को जमकर फटकार लगाई है। झूठी खबरों और अफवाहों पर नियंत्रण के लिए इंटरनेट मीडिया पर निगरानी करने के भी निर्देश दिए और कहा कि इनका तत्काल खंडन किया जाए।