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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसमें एनडीए और महागठबंधन के बीच सीटों का बंटवारा एक बड़ा मुद्दा है। कांग्रेस भागलपुर की सात में से चार सीटों पर दावा कर रही है, जबकि राजद बिहपुर और गोपालपुर को अपनी पारंपरिक सीट बता रहा है, जिससे महागठबंधन में खींचतान जारी है।

भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सुगबुगाहट के बीच सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। एनडीए और महागठबंधन के बीच आमने-सामने की लड़ाई तय मानी जा रही है। दोनों गठबंधन में सीटों का पेच सुलझाने के लिए पटना से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।

हाल ही में दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक में जिला इकाई ने भागलपुर जिले की सात विधानसभा सीटों में से चार पर दावेदारी पेश कर दी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष परवेज जमाल का कहना है कि कांग्रेस ने भागलपुर विधानसभा को अपनी सीटिंग सीट मानते हुए इस पर दावा ठोका है। जहां से वर्तमान विधायक अजीत शर्मा हैं।

इसके अलावा सुल्तानगंज और कहलगांव विधानसभा सीटें, जहां से कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव लड़ते रहे हैं। यह दोनों सीटें पार्टी की प्राथमिकता में शामिल हैं। अब कांग्रेस ने नवगछिया अनुमंडल के बिहपुर व गोपालपुर विधानसभा में से किसी एक पर दावा जता दिया है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि इन इलाकों में अल्पसंख्यक मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या है। जिससे कांग्रेस उम्मीदवार को लाभ मिल सकता है।

कांग्रेस ने माई बहिन योजना के तहत महिलाओं के लिए 2,500 रुपये प्रति माह आर्थिक मदद देने का वादा किया है। इस योजना के लिए पार्टी गांव-गांव शिविर लगाकर महिलाओं का रजिस्ट्रेशन कर रही है। बीते 20 दिनों में ही 30 हजार से ज्यादा महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं। कांग्रेस के नेता इस योजना को पार्टी का मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं।

उधर, एनडीए सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत वृद्ध, विधवा और दिव्यांगजनों के लिए मासिक सहायता राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये करने की घोषणा की है। दोनों गठबंधनों की इस कवायद से साफ है कि चुनाव में सामाजिक योजनाएं और आर्थिक मदद बड़े मुद्दे बनेंगी।

जिलाध्यक्ष का कहना है कि आगामी दिनों में सीट बंटवारे पर महागठबंधन में सहमति बनती है या नहीं। यह बाद में पता चलेगा। फिलवक्त घटक दलों के बीच सीटों पर चल रही खींचतान दिलचस्प बन गई है। कांग्रेस की आक्रमक राजनीति से राजद भी सतर्क हो गई है।

इधर, युवा राजद के पूर्व प्रदेश महासचिव प्रो. आनंद आजाद ने कहा कि सीटों के बंटवारा पर अंतिम निर्णय गठबंधन दलों के शीर्ष नेता ही लेंगे। तब तक हर राजनीतिक दल की ओर से दावा किया जाता है। बिहपुर और गोपालपुर राजद की परंपरागत सीट रही है। इस कारण दोनों सीट पर राजद के ही उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे, इसको लेकर कोई संशय नहीं है। ऐसे पार्टी आलाकमान का जो भी निर्णय होगा, वह सभी कार्यकर्ताओं के लिए मान्य होगा।

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