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शिमला तक चलने वाले विस्टाडोम कोच में मिली खामियों को दूर करने के लिए कपूरथला से इंजीनियर आ रहे हैं। कोच में एसी कूलिंग और खिड़कियों में कमियां पाई गई हैं जिसके कारण यात्रियों को परेशानी हो सकती है। रेलवे इन कोचों के किराए में बढ़ोतरी पर भी विचार कर रहा है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोचों में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

अंबाला। पहाड़ों की रानी शिमला तक दौड़ने वाले विस्टाडोम एसी कोच में निकाली गई खामियों को दूर करने के लिए पंजाब के कपूरथला कोच फैक्ट्री से इंजीनियर आ रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस सीजन यह कोच सफेद हाथी बनकर रह जाएंगे। पटरी पर इनको दौड़ने पर समय लगेगा। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक वर्मा ने निरीक्षण के दौरान कई खामियां निकाली थीं, जिनको दुरुस्त किया जा रहा है।

पहली बार कालका शिमला सेक्शन में एसी कोच वाली ट्रेन दौड़नी थी। इन डिब्बों में आधुनिक सुविधाएं हैं लेकिन अभी यात्री इसका लाभ नहीं उठा पा रहे। इसका सबसे बड़ा कारण कोच बनाते वक्त कई अहम खामियां सामने आना बताया जा रहा है। इन कोच के दौड़ने के बाद रेलवे ने इस सेक्शन पर किराये को लेकर भी फैसले लेने हैं।

थोड़ा महंगा होगा किराया

माना जा रहा है कि इन कोचों के पटरी पर उतरने के बाद यात्रियों को और जेबें हल्की करनी पड़ सकती हैं। यानी कि इन कोच की सवारी थोड़ी महंगी होगी। हालांकि अभी तक किराये में बढ़ोतरी को लेकर कमेटी ने फैसला नहीं लिया लेकिन इसको लेकर संकेत दिए जा चुके हैं।

सीसीटीवी से युक्त है नैरोगेज पर दौड़ने वाली ट्रेन

कालका-शिमला हैरिटेज रेल सेक्शन पर जो गाड़ी चलाई जा रही हैं, उनमें सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इस ट्रैक पर कोच में लगे सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी। ट्रेन के हर कोच में सीसीटीवी कैमरे होंगे, जबकि कंट्रोल गार्ड के पास होगा। गार्ड के कोच में स्क्रीन होगी, जिसके माध्यम से वह इन सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से यात्रियों की हलचल पर नजर रख सकेंगे। यह सीसीटीवी 360 डिग्री होंगे।

यह हैं कोच में सुविधाएं 

नए तैयार किए कोच आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस हैं। सीसीटीवी कैमरे, फायर अलार्म सिस्टम, एंटी अल्ट्रा वायलेट कोटेड विंडो ग्लास, पावर विंडो, हीटिंग कूलिंग एसी पैकेज, लीनियर पंखें और लीनियर एलईडी लाइट से लैस है। इसके अलावा भी यात्री सुविधाओं के लिए काफी बंदोबस्त किया गया है।

इस तरह से निकली खामियों को कर रहे दूर

सेक्शन पर विस्टाडोम कोच को दौड़ाने से पहले अधिकारी ने दौरा किया था। इस दौरान कई खामियां निकाली गईं थीं। इनको दुरुस्त करने के आदेश दिए थे। कोच फैक्ट्री से आए इंजीनियरों की भी अधिकारी ने क्लास लगाई थी। विस्टाडोम पैनोरमिक कोच तैयार किए हैं, जिनमें बड़े शीशे लगाए हैं, ताकि यात्री बाहर की वादियों का नजारा देख सकें। इन कोच में कूलिंग की स्थिति भी ठीक नहीं थी।

तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं रखा जा रहा था। एसी यूनिट की कूलिंग क्षमता उचित नहीं थी। एयरकंडीशन सिस्टम का रिवर्स साइकिल सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। इन कोच को पटरी पर उतारने के लिए इन खामियों को दूर करने के निर्देश दिए थे।

इन खामियों को कोच फैक्ट्री के इंजीनियरों को दूर करना है। एसी यूनिट की एयर डिलीवरी डक्ट की ग्रिल आंशिक रूप से अवरुद्ध है, जिसके कारण ठंडी हवा पूरी तरह से रिलीज नहीं हो रही थी।

ग्रिल को जिस पदार्थ से चिपकाया है, वह खराब है। ठंडी हवा का नुकसान हो रहा था। इसी तरह एसी सिस्टम के रिटर्न एयर और सप्लाई एयर डक्टर को कोच के भीतर ठीक से नहीं जोड़ा गया, जबकि एसी कोच की इमरजेंसी खुलने वाली खिड़की का भी इस में कोई प्रावधान नहीं है।

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