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आगरा ब्यूरो चीफ सोनू शर्मा 

निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन तेज कर दिया है। शनिवार को दूसरे दिन भी ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट की टीम को कर्मचारियों ने घुसने नहीं दिया। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप के बाद टीम को प्रवेश मिल सका।

आगरा में दक्षिणांचल और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम (42 जिलों) के निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने लगातार दूसरे दिन विरोध प्रदर्शन किया। ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम कार्यालय में प्रवेश नहीं करने दिया। कंसल्टेंट टीम सर्वे के लिए आगरा आई थी।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजय कुमार और वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रभात सिंह ने कहा कि ट्रांजेक्शन कंसल्टेंट की नियुक्ति में पारदर्शिता नहीं बरती गई है। शुक्रवार को विरोध के बाद शनिवार को कंसल्टेंट टीम को प्रवेश दिलाने के लिए पुलिस का सहयोग लिया गया। इस पर कर्मचारी भड़क गए।
उन्होंने डीवीवीएनएल प्रबंध निदेशक कार्यालय के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारेबाजी की। कंसल्टेंट को दस्तावेज देने का विरोध किया। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप पर कंसल्टेंट टीम को एमडी ऑफिस में प्रवेश दिया गया। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि पावर कॉरपोरेशन पुलिस बल लगाकर कर्मचारियों को भड़का रहा है। प्रदर्शन में संयोजक विशाल भारद्वाज, सुरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र, विनय वर्मा, वीके सिंह, अनिल राठौर, चंद्रपाल सिंह, मोती सिंह, पीतांबर सिंह आदि मौजूद रहे।

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