
आगरा ब्यूरो चीफ सोनू शर्मा
आगरा में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। आवास विकास काॅलोनी में पांच दुकानें ढह गईं। दुकानों में निर्माण कार्य चल रहा था। मलबे में नाै लोग दब गए।
आगरा के आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-7 में पुलिस चौकी के पास शनिवार शाम बड़ा हादसा हुआ। दो दुकानों के बीच की दीवार हटाने के दौरान पांच दुकानें छत सहित ढह गईं। दुकान मालिकों सहित 9 लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार मच गई। तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और स्थानीय लोगों ने मलबे से लोगों को निकाला। हादसे में दो की मौत हो गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-7 निवासी शिवशंकर शर्मा के घर के अगले हिस्से में पांच दुकानें बनी हैं। शिवशंकर पत्नी विजयलक्ष्मी के साथ रहते हैं। उन्होंने अपनी एक दुकान भांजे ब्रजेश व त्रिलोकी को दे रखी है, जो परचून की दुकान चलाते हैं। दूसरी दुकान शिवशंकर के भाई किशनचंद और तीसरी विष्णु की है।
अन्य दो दुकानों में तीसरे भाई पुष्कर जबकि पांचवीं दुकान विष्णु की पत्नी रेखा की है। पुष्कर और विष्णु की दुकानों में शराब का ठेका चलता था, जो एक अप्रैल को बंद हो गया। इसके बाद दोनों भाई दुकानों के बीच की दीवार तोड़कर दायरा बड़ा करा रहे थे। बल्लियां लगी थीं और मजदूर काम कर रहे थे।
त्रिलोकी की दुकान भी खुली थी। दोपहर करीब 3:30 बजे अचानक सभी पांच दुकानें भरभराकर ढह गईं। दुकानों में काम कर रहे लोग और ग्राहक मलबे में दब गए। धूल का गुबार और धमाका हुआ तो चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों ने सेक्टर-4 पुलिस चौकी के सिपाहियों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया।
कुछ ही देर में जगदीशपुरा थाने का फोर्स भी पहुंच गया। इस दौरान लोहे का गर्डर लगने से इंस्पेक्टर आनंदवीर सिंह घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने जेसीबी की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकाला। एक मजदूर के दोनों पैर लोहे के जाल में दबे थे। कटर से काटने पर पैर कटने का डर था। काफी जद्दोजहद के बाद उसे निकाला जा सका।
- Log in to post comments