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IND vs AUS इस साल के आखिरी में भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में आमने-सामने होगी। दोनों टीमों के बीच 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज के शुरू होने में 5 महीने का वक्त बाकी है लेकिन इससे पहले हर कोई सीरीज को लेकर चर्चा कर रहा है। हाल ही में भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच पारस म्हाब्रे ने बयान दिया है।

भारत और ऑस्‍ट्रेलिया (IND vs AUS) के बीच इस साल के आखिर में बॉर्डर-गावस्‍कर ट्रॉफी खेली जानी है। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। इससे पहले भारतीय टीम के पूर्व कोच पारस महाम्ब्रे ने अपनी चाहत बताई है कि भारतीय स्क्वाड में किसे जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया है कि मोहम्मद शमी या अर्शदीप सिंह नहीं, बल्कि भारत के इस इंजर्ड पेसर को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर स्क्वॉड में शामिल किया जाना चाहिए।

Mohammed Siraj या Arshdeep Singh नहीं, बल्कि इस पेसर को मिले भारत की स्क्वाड में जगह

दरअसल, भारत की क्रिकेट टीम जनवरी तक 10 टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेलने वाली है, जिसमें उनकी कोशिश तीसरी बार वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल में जगह बनाने की होगी। भारतीय टीम के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण श्रृंखला ऑस्ट्रेलिया में होने वाली पांच मैचों की टेस्ट सीरीज होगी, जो 22 नवंबर से शुरू होगी

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत की पेस अटैक अहम भूमिका निभाएगी। खासकर ऑस्ट्रेलिया की तेज गेंदबाजी के अनुकूल पिचों पर भारत को जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी से काफी उम्मीदें थी, लेकिन तीसरे सीनियर गेंदबाज के रूप में मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह और आकाश दीप जैसे विकल्पों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच पारस म्हाब्रे ने इस बीच अपनी चाहत बताई।

क्रिकबज के साथ बातचीत में पारस म्हांब्रे ने कहा कि वे तीसरे सीनियर गेंदबाज के रूप में प्रसिध कृष्णा को देखना चाहेंगे। उनका मानना है कि प्रसिध गेंदबाजी आक्रमण में अहम रोल निभा सकते हैं। खासकर तब जब गेंद 30-35 ओवर पुरानी हो जाए। उनका कहना है कि प्रसिध के पास गेंद को मूव कराने और उछाल का उपयोग करने की क्षमता है।

उन्होंने आगे कहा कि उछाल का होना महत्वपूर्ण है, और इसलिए मैं देखना चाहूंगा कि प्रसिध कृष्णा कैसे प्रदर्शन करते हैं। मैं चाहता हूं कि वे एक शानदार दुलीप ट्रॉफी खेलें ताकि आपके पास एक ऐसा तीसरा सीनियर गेंदबाज हो जो दूसरों से अलग हो। क्योंकि बाद में 30-35 ओवरों के बाद पिच सपाट हो जाती है और आपको किसी अलग तरीके की जरूरत होती है, और उछाल इसका हिस्सा हो सकता है।

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