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लखनऊ: मेडिकल कॉलेजों में पोस्टमार्टम को लेकर राज्य सरकार के नए निर्देश

फॉरेंसिक शिक्षा सुदृढ़ करने की पहल, निजी कॉलेजों को केवल लावारिस शव मिलेंगे

 लखनऊ ब्यूरो सुनील यादव

लखनऊ: प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय फॉरेंसिक मेडिसिन की पढ़ाई को बेहतर और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार अब सरकारी, स्वायत्तशासी और निजी मेडिकल कॉलेजों को भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम कार्य में शामिल किया जाएगा। हालांकि निजी मेडिकल कॉलेजों को केवल लावारिस शव ही उपलब्ध कराए जाएंगे। गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों के शव निजी संस्थानों को नहीं भेजे जाएंगे। इसके अलावा मेडिकल बोर्ड से संबंधित मामलों पर भी रोक लगाई गई है।

प्रदेश के प्रमुख संस्थानों— किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI)— में पूर्व की भांति पोस्टमार्टम सुविधा जारी रहेगी।

इसके साथ ही बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) और एम्स गोरखपुर में भी पोस्टमार्टम की प्रक्रिया राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालित की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल फॉरेंसिक मेडिसिन के विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।

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