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बरेली में युवती का आरोप: दहेज और बेटे की चाहत में ससुराल वालों ने किया उत्पीड़न, बच्ची की मौत का दावा

बरेली समाचार

बरेली में एक युवती ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और बेटे की चाहत में उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।

युवती के मुताबिक, बेटी के जन्म के बाद ससुराल वालों का रवैया और भी कठोर हो गया। आरोप है कि इलाज न कराने के कारण उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई। पीड़िता ने पति, सास और ननद समेत अन्य पर केस दर्ज कराया है।

गोद ली बच्ची को मारने की कोशिश और सर्दी में घर से निकालने का आरोप, महिला थाने में FIR दर्ज पीड़िता फात्मा नाज, निवासी बाकरगंज, ने बताया कि उसका विवाह दिल्ली निवासी असलम के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद पति असलम, सास नजमा और ननद-नदोई लगातार दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।

करीब तीन साल पहले फात्मा ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन ससुराल पक्ष बेटे की चाहत में नाराज हो गया। युवती का आरोप है कि बच्ची बीमार हुई तो जानबूझकर उसका इलाज नहीं कराया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

पहली बेटी की मौत के बाद फात्मा ने पति की सहमति से ‘आयशा’ नाम की बच्ची को गोद लिया। लेकिन कुछ समय बाद पति और सास ने फिर से प्रताड़ना शुरू कर दी। आरोप है कि पति ने गोद ली बच्ची का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की।

पीड़िता ने बताया कि 6 जनवरी को पति और सास ने उसे बेरहमी से पीटा और कड़ाके की ठंड में बच्ची के साथ घर से बाहर निकाल दिया। वह किसी तरह मायके बरेली पहुंची।

जब परिजन के साथ शिकायत दर्ज कराने पुलिस चौकी गई तो वहां समझौते का दबाव बनाया गया। बाद में पीड़िता ने मुख्यमंत्री कार्यालय और महिला थाने में शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की।

महिला थाने की पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति, सास और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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