बरेली आज अनिश्चितकालीन किसान सत्याग्रह एवं धरना प्रदर्शन
आज 22वाँ दिन – धरना जारी, न्याय के लिए अडिग
बरेली समाचार
बरेली: 17 जनवरी 2026 से चल रहा अनिश्चितकालीन किसान सत्याग्रह आज 22वें दिन में प्रवेश कर चुका है। कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे डॉ. हरीश गंगवार के नेतृत्व में सैकड़ों किसान और समर्थक शांतिपूर्ण एवं गांधीवादी सिद्धांतों (सत्य, अहिंसा एवं न्याय) पर डटे हुए हैं।
मुख्य अपडेट्स एवं स्थिति:
• आज आन्दोलन समिति की कोर कमेटी की बैठक में डॉ हरीश गंगवार ने कोर कमेटी को बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से विशेष सचिव नवनीत सिंह चहल ने अपर मुख्य सचिव कृषि को जांच कमेटी गठित करने तथा जांच कराने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। यह किसानों की मांगों पर सकारात्मक कदम है।
रमेशचन्द्र श्रीवास्तव ने बताया
कि राष्ट्रपति भवन ने किसानों की याचिका पर उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
उल्फत सिंह कठेरिया ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हालांकि, स्थानीय स्तर पर पुलिस इसे ‘सिविल नेचर’ का मामला बताकर गंभीरता से नहीं ले रही है। और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है
रामानंद कोहली ने कहा कि
• किसान SIT (विशेष जांच दल) से जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक बदायूं DM द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच समिति ही सक्रिय है। जांच शुरू हो चुकी है, पर समिति में किसान प्रतिनिधि की भागीदारी अभी सुनिश्चित नहीं हुई है।
भारतीय किसान यूनियन के ज़िलाध्यक्ष विपिन पटेल ने कहा कि किसान तेज़ एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
आज की प्रमुख घटना (7 फरवरी 2026):
आज डॉ. हरीश गंगवार को रामानंद कोहली एवं उल्फत सिंह कठेरिया (समर्थन एवं चर्चा के लिए घेरा बनाया), जिसमें निम्नलिखित साथी विशेष रूप से उपस्थित रहे:
• विपिन पटेल
• कमरुद्दीन
• साहब सिंह
• बंटी सिंह
• सुरेश दिवाकर
हरवीर सिंह बाबी
• रमेशचन्द्र श्रीवास्तव
• अमित कुमार
• जीत कुमार
• देवेंद्र प्रकाश श्रीवास्तव
• अमन सक्सेना
• मनीष कुमार
• देवेंद्र प्रकाश
• आदि अन्य साथी
यह बैठक/घेराव आंदोलन की मजबूती और संकल्प को दर्शाता है। सभी उपस्थित साथियों ने एकजुट होकर न्याय की मांग दोहराई।
मुख्य मांगें (दोहराई गईं):
• बदायूं (ग्राम बगरैन, थाना बजीरगंज) में उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के गोदाम से लगभग 10,000 क्विंटल (मूल्य ≈ 4 करोड़ रुपये) धान-गेहूं/बीज की कथित लूट/धोखाधड़ी की पूर्ण SIT जांच।
• लूटा गया अनाज/बीज वापस, दोषियों पर सख्त कार्रवाई (जेल + मुआवजा)।
• प्रभावित 4,000+ किसानों को तत्काल राहत।
• पुलिस मिलीभगत, FIR न दर्ज होने और सुरक्षा न मिलने के आरोपों की जांच।
संकल्प: न्याय मिलने तक (एक-एक दाना वापस, दोषी जेल) यह सत्याग्रह नहीं हटेगा।
सभी से अपील है कि इस न्यायपूर्ण संघर्ष में समर्थन दें।
जय किसान!
सत्य की ताकत से न्याय जरूर मिलेगा! 🌾✊
डॉ. हरीश गंगवार
9412603772
संयोजक, सत्याग्रह आंदोलन समिति, बरेली
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