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उत्तराखंड समाचार

हफ्तेभर की खामोशी के बाद फिर गुलदार का आतंक,कोठा गांव के हरीश के दो खच्चरों को मार डाला।

ग्रामीणों में भय का माहौल तो विभागीय कर्मचारियों की फिर बढ़ेगी परेशानी।

मेहलचोरी (गैरसैंण)- विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत मेहलचोरी न्याय पंचायत के कुनीगाड क्षेत्र में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है ।पिछले सप्ताह भर की खामोशी के बाद एक बार फिर गुलदार ने दो खच्चरों को नजदीकी जंगल में मार डाला। घटनाक्रम के अनुसार शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे कोठा गांव के तिमिलपानी निवासी हरीश राम पुत्र उदय राम के जंगल में चरने गए दो खच्चरों को गुलदार ने हमला कर मार डाला।

घटना की सूचना के बाद शनिवार को मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने मृत खच्चरों का निरीक्षण किया । खच्चरों पर गुलदार के दांत व नाखून के निशान पाए जाने से जहां गुलदार के हमले की पुष्टि तो हुई । लेकीन गुलदार द्वारा खच्चरों को मारकर निवाला न बनाये जाने को लेकर वन क्षेत्राधिकार प्रदीप गौड ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

कोठा की ग्राम प्रधान कुमारी ममता बिष्ट व क्षेत्र पंचायत सदस्य हंसी देवी ने वन विभाग से गरीब परिवार के खच्चर चलाने वाले व्यक्ति को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

उल्लेखनीय है की गत 26 जनवरी को कुनीगाड क्षेत्र के खजूरखाल में एक गुलदार पिंजरे में कैद हुआ था । जिसके बाद विभाग भी गुलदार के आतंक के कम होने को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा था।तब विभाग का कहना था कि पूरे क्षेत्र में आतंक मचाने वाले गुलदार को पकड़ लिया गया है,जो गौशाले का दरवाजा तोड़कर गोवंश को निवाला बना रहा था। लेकिन ताजे घटना के बाद एक बार फिर जहां ग्रामीणों की चिताएं बढ गयी हैं ,वहीं विभागीय कर्मचारियों की परेशानियां भी एक बार फिर बढती नजर आ रही हैं।

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