बरेली समाचार
बरेली आज चौकी चौराहा स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा पार्क पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि (शहीद दिवस) पर किसानों का अडिग संकल्प: सत्याग्रह 14वें दिन में प्रवेश, संघर्ष और तेज होगा
आज 30 जनवरी 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि (शहीद दिवस) के अवसर पर गांधी पार्क चौकी चौराहा, बरेली पर चल रहे अनिश्चितकालीन सत्याग्रह एवं धरना प्रदर्शन को ठीक 14 दिन पूरे हो गए हैं।
प्रभावित किसान भाइयों ने इस पवित्र दिन की शुरुआत गांधी जी के प्रिय वैष्णव भजन “वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीड पराई जाणे रे…” से की, जो सत्य, अहिंसा, करुणा और पीड़ितों के प्रति संवेदना की भावना को मजबूती प्रदान करता है।यह सत्याग्रह मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के ग्राम बगरैन (बदायूं जिला, बजीरगंज थाना क्षेत्र) स्थित गोदाम में 10 हजार क्विंटल (लगभग) धान-गेहूं/बीज की कथित लूट, धोखाधड़ी और गायब होने के खिलाफ चल रहा है। इसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ रुपये है, जो चार हजार से अधिक किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से जुड़े प्रभावित किसानों का है। किसानों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस (विशेषकर थाना बजीरगंज के प्रभारी) की संभावित मिलीभगत से यह धोखाधड़ी संभव हुई। थाने में तहरीर देने के बावजूद कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जिसके विरोध में यह धरना शुरू हुआ।
राष्ट्रपति भवन द्वारा याचिका स्वीकार किए जाने के बावजूद अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया है तथा सत्याग्रह और अधिक दृढ़ हो गया है।
गांधी जी के शहीद दिवस पर किसानों द्वारा लिया गया पुनः संकल्प:
• यह सत्याग्रह महात्मा गांधी के सिद्धांतों—सत्य, अहिंसा और अडिग संघर्ष—पर आधारित रहेगा तथा और मजबूत होगा।
• प्रभावित किसानों को उनका पूरा हक—विशेषकर 4 करोड़ रुपये की राशि—जरूर दिलाई जाएगी।
किसान नेता डा हरीश गंगवार ने कहा कि कोई भी किसान पीछे नहीं हटेगा; रणनीतिक रूप से संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
महात्मा गांधी ने चंपारण सत्याग्रह (1917) और खेड़ा आंदोलन (1918) में किसानों के साथ खड़े होकर अन्याय के विरुद्ध अहिंसक संघर्ष की मिसाल कायम की थी। आज बरेली के यह किसान उसी महान विरासत को जीवंत रखते हुए न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं—पूर्णतः अहिंसक, दृढ़ और संकल्पबद्ध।
महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दिनेश दद्दा एडवोकेट ने कहा कि हमारी प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों से अपील है कि तत्काल जांच शुरू की जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, गायब बीज/राशि की वसूली हो और प्रभावित किसानों को उनका न्यायपूर्ण हक मिले। मीडिया, जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी संवेदनशील वर्गों से अनुरोध है कि इस न्यायपूर्ण आंदोलन को समर्थन दें।
आन्दोलन को आज मजबूत करने के लिए भारतीय किसान यूनियन के ज़िलाध्यक्ष विपिन पटेल, आन्दोलन के संयोजक डॉ हरीश गंगवार, कृष्णकांत शर्मा , पंडित राज शर्मा, जगदीश सरन, ज़ाहिद अली ,हरवीर सिंह बाबी, रमेश चंद्र नरायन, ओम पाल गंगवार ,कमरद्दीन सैफी ,उल्फत सिंह कठेरिया, प्रो यश पाल सिंह, कमर गनी ,अनिल पांडेय, तनवीर अहमद , किसान यूनियन के नेता रविन्द्र चौधरी, दिनेश कुमार, साहिव सिंह ,महेन्द्र पाल गंगवार ,विनोद कुमार ,आशीष कुमार, जितेंद्र कुमार आदि लोग उपस्थित रहे ।
जय हिंद! जय किसान!
संपर्क:
डॉ. हरिश गंगवार
(किसान सत्याग्रह संयोजक)
9412603772
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