मेरठ समाचार
मंगलपांडे नगर स्थित अल्फा हॉस्पिटल में लकवा ग्रस्त मरीज को मेडिकल अस्पताल से लाया गया था। यहां अवैध वसूली का आरोप हॉस्पिटल पर लगाया गया। सीएमओ ने जांच की तो प्रथम दृष्टया आरोप सही पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने शुक्रवार को मंगलपांडे नगर स्थित अल्फा हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। आरोप है कि लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भर्ती लकवा ग्रस्त मरीज का इलाज 20-25 हजार में कराने की बात कहकर निजी हॉस्पिटल भर्ती कराया गया। इसके बाद हॉस्पिटल में 90 हजार रुपये लेने की बात कही। लापरवाही और अवैध वसूली के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।
इस मामले में शिकायत मिलने के बाद सीएमओ द्वारा गठित टीम के नोडल अधिकारी ने 26 नवंबर को अल्फा अस्पताल का निरीक्षण किया। मरीज की फाइल की जांच में डॉ. देवेंद्र सैनी, डॉ. राहुल गोयल और डॉ. अरुण कुमार न्यूरो द्वारा इलाज की जानकारी मिली।
जांच में पाया गया कि अस्पताल प्रबंधन न तो मरीज को मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पताल में किस आधार पर शिफ्ट किया और न ही स्पष्ट जवाब दिया। न ही एंबुलेंस चालक की पहचान संबंधी कोई जानकारी उपलब्ध करा सका। रिपोर्ट में अस्पताल पर अधिक वसूली, गलत बिलिंग और मरीज को बिना अनुमति रेफर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
लाइसेंस निलंबित, अब अगली कार्रवाई की तैयारी
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने इस मामले में मेडिकल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। वहीं, अल्फा अस्पताल का लाइसेंस निलंबित किया है। अब सीएमओ ने चेतावनी दी है कि किसी भी निजी अस्पताल को मरीजों से अवैध वसूली या गलत तरीके से रेफर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और मरीजों के अधिकारों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को प्रकरण की गहन जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने कहा कि निलंबन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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