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लखनऊ समाचार 

प्रदेश में कोहरे का असर विमान सेवा पर पड़ रहा है। शुक्रवार को चार उड़ानें कैंसिल करनी पड़ीं तो वहीं छह देरी का शिकार हुईं। 

कोहरे व तकनीकी कारणों से विमानों का संचालन जमीन पर आ गया है। शुक्रवार को चार फ्लाइटें कैंसिल हुईं और छह देरी की शिकार हुईं। यह स्थिति तब है, जब अमौसी एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक लैंडिंग सिस्टम लगा हुआ है।

चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विमानों का निरस्तीकरण व लेटलतीफी करीब दो हफ्तों से बना हुआ है। शुक्रवार को लखनऊ से मुंबई जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई 2441, कोलकाता की 6ई 595, कोलकाता से लखनऊ आने वाली उड़ान 6ई 6139 और मुंबई से आने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई 2442 निरस्त रही। वहीं, लखनऊ से दिल्ली जाने वाली 6ई 6615 35 मिनट, जयपुर जाने वाली 6ई 7027 50 मिनट, आबूधाबी जाने वाली 6ई1415 पौन घंटे लेट रही, जबकि दिल्ली से लखनऊ आने वाली 6ई 6614 आधा घंटा, इंदौर से आने वाली 6ई 7422 एक घंटे पंद्रह मिनट और रियाद से आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस आईएक्स 190 पौन घंटे लेट रही।

कैट थ्री बी से लैस है एयरपोर्ट

लखनऊ एयरपोर्ट अत्याधुनिक लैंडिंग सिस्टम कैट थ्री बी से लैस है। यह सिस्टम जीरो विजिबिलिटी में भी विमानों की लैंडिंग आसान बनाती है। दिल्ली एयरपोर्ट के बाद लखनऊ में यह सुविधा है। इससे कोहरे में संचालन पर असर नहीं पड़ता।

इसलिए हो रही दिक्कतें

अमौसी एयरपोर्ट भले ही कैट थ्री बी से लैस हो, लेकिन आसपास के एयरपोर्टों पर यह सुविधा न होने और पायलटों के प्रशिक्षित नहीं होने से इसका भरपूर लाभ नहीं मिल पा रहा है। कैट थ्री बी के लिए अलग से प्रशिक्षण लेना होता है। इतना ही नहीं खाड़ी देशों से आने वाले विमानों के पायलटों के पास कम विजिबिलिटी में लैंडिंग टेकऑफ का अनुभव नहीं होता।

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