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बरेली समाचार

त्योहारी सीजन में सोने के साथ चांदी की कीमत में भी लगातार वृद्धि हो गई है। महज 24 घंटे में चांदी की कीमत में प्रति किलो 13 हजार रुपये बढ़े। 11 अक्तूबर को एक किलो चांदी की कीमत 1.69 लाख रुपये रही। 

बरेली में त्योहारी सीजन में सोने की बढ़ती कीमतों के बीच चांदी के भाव में भी अप्रत्याशित उछाल आया है। कारोबारियों के मुताबिक, सोने की महंगाई की वजह से चांदी के गहनों की मांग बढ़ी है। चांदी की बिक्र बाजार में ढूढने पर भी नहीं मिल रही है। महज 24 घंटे में चांदी की कीमत में प्रति किलो 13 हजार रुपये से ज्यादा उछाल से कारोबारी भी हैरान हैं। उनका कहना है कि 45 वर्ष बाद चांदी की कीमत में इस तरह का उछाल देखने

सराफा कारोबारी राघव कुमार अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 1980 में तत्कालीन प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने चांदी के निर्यात का विकल्प खोला था। 16 जनवरी 1980 को चांदी प्रति किलो एक हजार रुपये की बिक रही थी। अगले ही दिन भाव आठ हजार रुपये जा पहुंचा। 

20 दिन बाद आदेश स्थगित करना पड़ा था। तब कीमत घटकर 12 सौ रुपये पर आ टिकी थी, पर अब बढ़त जारी है। त्योहारी सीजन में आभूषणों की मांग बढ़ी है। मांग के सापेक्ष चांदी की उपलब्धता कम होना कीमतों में तेजी की अहम वजह है।

पिछले दस वर्षों में अक्तूबर में चांदी की कीमत
वर्ष    कीमत
2015    35600
2016    45000
2017    40300
2018       38800
2019      44500
2020       59400
2021      61000
2022       57500
2023    68800
2024       91000
2025      1,69,000
(नोट : कीमत सराफा एसोसिएशन के अनुसार रुपये प्रति किलो में)

सेमीकंडक्टर के उत्पादन में चांदी का विकल्प खोजना जरूरी
बरेली सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल के मुताबिक भारत में सेमीकंडक्टर का उत्पादन शुरू हो गया है। इसमें चांदी का प्रयोग होता है। मोबाइल, सौर ऊर्जा पैनल समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में भी चांदी का प्रयोग होता है। इन क्षेत्रों में चांदी का विकल्प मिलने तक कीमत में तेजी रहेगी।
पहली बार सोने-चांदी के भाव में 43 हजार का अंतर
सराफा कारोबारी सुबोध अग्रवाल के मुताबिक प्रति किलो चांदी की कीमत 10 ग्राम सोने की कीमत के आसपास होती है। पहली बार कीमतों में करीब 43 हजार रुपये का अंतर हुआ है। शनिवार को सोना प्रति दस ग्राम 1.27 लाख और चांदी प्रति किलो 1.69 लाख रुपये रही। मांग के मुताबिक उपलब्धता नहीं होने से भाव में तेजी है।

25 साल में 28 गुना बढ़ी चमक
सराफा कारोबारी संजीव अग्रवाल के मुताबिक 25 वर्षों में चांदी का भाव 28 गुना तक बढ़ गया है। वर्ष 2025 में कीमत में 75 फीसदी का उछाल आया है। वर्ष 2001 में चांदी प्रति किलो 7,500, 2005 में 10,300, 2010 में 28,000, 2015 में 36,400, 2020 में 46,500 रुपये पर बिकी। 2025 में एक जनवरी को 87,700 कीमत थी जो 11 अक्तूबर को 1.69 लाख पहुंच गई।

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