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बरेली समाचार
किसान सत्याग्रह का 28वाँ दिन
बरेली किसान सत्याग्रह स्थल पर “हल्ला बोल” कार्यक्रम का भव्य आयोजन
आर्यधन फाइनेंशियल और आर्या कोलैटरल द्वारा 4 करोड़ की फसल/बीज लूट के खिलाफ जोरदार एकजुट विरोध
किसान न्याय की मांग पर अडिग – आंदोलन तेज होने की चेतावनी
दिनांक: 13 फरवरी 2026
स्थान: गांधी पार्क, चौकी चौराहा, बरेली (उत्तर प्रदेश)
सत्याग्रह शुरू होने की तिथि: 17 जनवरी 2026 (आज 28वाँ दिन)
बरेली के गांधी पार्क (चौकी चौराहा) पर 17 जनवरी 2026 से चल रहे अनिश्चितकालीन किसान सत्याग्रह के 28वें दिन “हल्ला बोल” कार्यक्रम का भव्य एवं जोरदार आयोजन किया गया। डा हरीश गंगवार ने कहा कि यह कार्यक्रम आर्यधन फाइनेंशियल सॉल्यूशंस और आर्या कोलैटरल वेयरहाउसिंग नामक कंपनियों के निदेशकों—श्री आनंद चंद, मार्गपुरी प्रसन्ना राव, वैधेही रवींद्रन और पट्टाननाथन देवराजन—द्वारा बदायूं जिले के बगरैन स्थित गोदाम से किसानों की लगभग 4 करोड़ रुपये मूल्य की फसल (गेहूं और धान, कुल ~1031 मीट्रिक टन) की कथित लूट के विरुद्ध है।
विपिन पटेल ने कहा कि 
किसानों का स्पष्ट आरोप है कि कंपनियों ने 8 दिसंबर 2025 और 15 जनवरी 2026 की आधी रात को गोदाम के ताले तोड़कर माल को जबरन ट्रकों में भरकर ले गए, जबकि गार्ड मौजूद था। 
किसान नेता अरविंद पटेल ने कहा इस घटना से बरेली आदर्श एग्रीटेक और शुभ कीर्ति प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़े लगभग 4000 छोटे एवं सीमांत किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। 
जगदीश सरन ने कहा कि कड़ाके की ठंड में भी किसान पूरी तरह गांधीवादी अहिंसक तरीके से धरना दे रहे हैं और न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे। सत्याग्रह अब 28वें दिन में प्रवेश कर चुका है, जो किसान एकता और न्याय की जीवंत मिसाल बन चुका है।

रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा सत्याग्रह की मुख्य मांगें हैं कि 
•  दोषी निदेशकों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई।
•  लूटी गई फसल का पूरा मूल्य (4 करोड़ रुपये) किसानों को तुरंत चुकाया जाए।
•  संबंधित कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई एवं भविष्य में ऐसी घटनाओं पर स्थायी रोक।
•  जिला प्रशासन, पुलिस एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिकायतों पर त्वरित सुनवाई, जांच समिति में किसान प्रतिनिधि की भागीदारी, एवं उचित मुआवजा।
हम उत्तर प्रदेश सरकार, आयुक्त बरेली मंडल और बदायूं जिला प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हैं। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं तीव्र रूप दिया जाएगा। यह सत्याग्रह सत्य, अहिंसा और न्याय की मिसाल है—जैसे महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर आधारित
आज के “हल्ला बोल” कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
•  जोरदार नारेबाजी, और एकजुट प्रदर्शन।
•  सिस्टम से तत्काल न्याय की गुहार।
•  प्रभावित किसानों एवं नेताओं की मजबूत भागीदारी।
आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
•  भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष विपिन पटेल
•  अरविंद पटेल
•  जगदीश सरन
•  ज़ाहिद अली
•  कमरुद्दीन सैफी
•  दिनेश कुमार
•  राज शर्मा
•  सोनू
•  रमेश चंद्र श्रीवास्तव 
देवेंद्र श्रीवास्तव
जितेंद्र कुमार तीर्थ मधुकर  और अन्य सैकड़ों किसान भाई-बहन।
डॉ हरीश गंगवार 
9412603772

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