मेरठ में बैनामे के लिए रजिस्ट्रेशन फीस अब ऑनलाइन जमा होगी। 20 हजार से अधिक की फीस अब नकद नहीं बल्कि ऑनलाइन भरनी होगी। शासन ने अतिरिक्त वसूली रोकने के लिए यह कदम उठाया है। फिलहाल यह व्यवस्था पांच जिलों में शुरू हुई है लेकिन जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू होगी। इस कदम से बैनामे की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
मेरठ। बैनामे के लिए स्टांप शुल्क तो अब ई-स्टांप के माध्यम से प्राप्त कर लिया जाता है लेकिन उप निबंधक कार्यालय में रजिस्ट्रेशन फीस (निबंधन शुल्क) की राशि को नगद जमा किया जाता है। इस फीस के साथ ही अतिरिक्त राशि की वसूली किए जाने के आरोप भी लगते हैं।
शासन ने अब इस अतिरिक्त राशि की वसूली के खेल को समाप्त करने की तैयारी की है। प्रदेश के पांच जनपदों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन फीस की राशि 20 हजार से अधिक होने पर उसका आनलाइन माध्यम से भुगतान करना अनिवार्य कर दिया है। निबंधन विभाग के सूत्रों की माने तो जल्द यह व्यवस्था प्रदेश के सभी जनपदों में लागू की जाएगी।
बैनामे के पंजीकरण के लिए स्टांप शुल्क की एक प्रतिशत राशि रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में उप निबंधक कार्यालय में नगद जमा करानी होती है। इस नगद फीस के साथ उप निबंधक कार्यालयों में अतिरिक्त राशि लिए जाने के आरोप लगते रहते हैं।
शासन ने अब इस अतिरिक्त वसूली को बंद कराने के लिए व्यवस्था की है जिसके तहत रजिस्ट्रेशन फीस की राशि यदि 20 हजार से ज्यादा है तो उसे अनिवार्य रूप से आनलाइन माध्यम से जमा कराया जाएगा। फीस जमा कराने में आने वाली समस्या अथवा अप्रयुक्त फीस की वापसी के लिए शासन ने तीन नोडल अधिकारी भी नामित किए हैं।
अभी पांच जनपदों में पायलट प्रोजेक्ट, जल्द प्रदेश में
प्रदेश की आइजी निबंधन नेहा शर्मा ने आदेश में लिखा है कि समय के साथ-साथ उप निबंधक कार्यालयों में बैनामों की संख्या और नगद जमा होने वाली फीस की राशि बढ़ती जा रही है। जिसके चलते फीस की गणना, नोटों की जांच और चालान के माध्यम से पैसा जमा कराना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
प्रक्रिया को पारदर्शी, कुशल एवं सुरक्षित बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। जिसे प्रदेश के पांच चिह्नित जनपदों आजमगढ़, बाराबंकी, रायबरेली, सुल्तानपुर और सीतापुर में लागू किया गया है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि जल्द यह व्यवस्था प्रदेश के सभी जनपदों में लागू होगी।
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