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संभल में जामा मस्जिद सर्वे के विरोध में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। कमेटी अध्यक्ष जफर अली ने पूछताछ में बताया कि सांसद हिंसा से पहले और बाद में लगातार संपर्क में रहे। केस डायरी और कॉल डिटेल रिपोर्ट कोर्ट में पेश कर दी गई है।

संभल। जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में 24 नवंबर, 2024 को हुई हिंसा में घिरे सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के सदर जफर अली ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि हिंसा से पहले और बाद में सांसद बर्क पल-पल की जानकारी लेते रहे।

उन्होंने (सांसद) 23 नवंबर की रात 12 बजे फोन पर कहा था कि मैं संभल से बाहर हूं। सर्वे नहीं होने देना। अगले दिन हिंसा के बाद भी वह लगातार संपर्क में रहे। 25 नवंबर को सांसद के कहने पर ही पुलिस पर फायरिंग करने का आरोप लगाया था।

जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के सदर जफर अली 

कोर्ट में केस डायरी दाखिल

पुलिस ने शुक्रवार को अपर जिला सत्र एवं न्यायाधीश की कोर्ट में केस डाय़री (सीडी) दाखिल कर दी। जिसमें जफर अली और सांसद बर्क के बीच बातचीत का ब्योरा दिया गया है। जफर अली की काल डिटेल रिपोर्ट (सीडीआर) को भी आधार बनाया गया है।

जफर अली को 23 मार्च को हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह मुरादाबाद जेल में हैं। उनकी जमानत अर्जी पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जमानत पर अभी फैसला नहीं आया है। सांसद भी हिंसा में आरोपित हैं। वह गिरफ्तारी के लिए स्टे पर हैं। पुलिस ने उन्हें नोटिस देकर आठ अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है।