जोशीमठ-मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग दूसरे दिन भी भूस्खलन के कारण अवरुद्ध रहा। इससे सेना और आइटीबीपी के वाहनों को सीमा क्षेत्र पहुंचने में दिक्कत हो रही है। सीमा सड़क संगठन की टीम मशीनों की सहायता से हाईवे को सुचारु करने में जुटी है। हालांकि स्थानीय लोग और सेना व आइटीबीपी के जवान भूस्खलन वाले स्थान पर पैदल आवाजाही कर दूसरे छोर पर मौजूद वाहनों से गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
गोपेश्वर। चमोली जिले में जोशीमठ से चीन सीमा और नीती घाटी को जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी-नीती राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के चलते दूसरे दिन भी बाधित रहा। इससे सेना और आइटीबीपी के वाहनों को सीमा क्षेत्र पहुंचने में दिक्कत हो रही है। हालांकि, स्थानीय लोग और सेना व आइटीबीपी के जवान भूस्खलन वाले स्थान पर पैदल आवाजाही कर दूसरे छोर पर मौजूद वाहनों से गंतव्य तक पहुंच रहे हैं।
सीमा सड़क संगठन की टीम मशीनों की सहायता से हाईवे को सुचारु करने में जुटी है। जोशीमठ-मलारी-नीती हाईवे जोशीमठ से लगभग 30 किमी आगे भल्ला गांव के पास शुक्रवार सुबह भारी भूस्खलन होने के कारण अवरुद्ध हो गया था।
सेना के जवानों की आवाजाही बाधित
हालांकि, सीमा सड़क संगठन ने तत्काल हाईवे को खोलने का कार्य शुरू कर दिया था, लेकिन लगातार वर्षा, पहाड़ी से मलबा आने और पत्थर गिरने से कार्य बाधित हो रहा है। इससे सेना व आइटीबीपी के वाहनों के आवाजाही तो अवरुद्ध है ही, मलारी व नीती क्षेत्र के निवासियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल अंकुर महाजन ने बताया कि हाईवे खोलने का काम जारी है और उम्मीद है कि जल्द इस पर वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा।
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